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स्टार्टअप पर फोकस के लिए छोड़ दी पढ़ाई, अब बना दुनिया का सबसे युवा अरबपति, मार्क जकरबर्ग को भी छोड़ा पीछे 

हाल के दिनों सोशल मीडिया पर सूर्या मिधा का नाम तेजी से वायरल हो रहा है. उन्होंने पैसे कमाने के मामले में मार्क जकरबर्ग को भी पीछे छोड़ दिया है. बता दें कि उन्होंने केवल 22 साल की उम्र में दुनिया के सबसे युवा सेल्फ मेड अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं. उनकी इस सफलता को लेकर लोग बेहद हैरान हैं और सवाल कर रहे हैं कि आखिर इतनी कम उम्र में जब बच्चे पढ़ाई कर रहे होते हैं उन्होंने ये सफलता कैसे हासिल की है. इसके साथ ही वह जानना चाहते हैं कि उन्होंने क्या पढ़ाई की है. 

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सूर्य मिधा ने यहां से की है पढ़ाई.
सूर्य मिधा ने यहां से की है पढ़ाई.

22 साल की उम्र में जहां बच्चे आगे की पढ़ाई के बारे में सोचते हैं वहीं, भारतीय मूल के सू्र्य मिधा ने इतनी छोटी उम्र में कुछ ऐसा कर दिखाया है जो बड़े-बड़े बिजनेसमैन नहीं कर पाते हैं. उन्होंने मार्क जकरबर्ग को भी पीछे छोड़ दिया है. सूर्य केवल 22 साल की उम्र में दुनिया के सबसे युवा सेल्फ मेड अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं. फोर्ब्स की 2026 बिलियनेयर लिस्ट में उनका नाम शामिल किया गया है. उनकी कुल संपत्ति करीब 2.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 18 हजार करोड़ बताई जा रही है. इसके बाद से सोशल मीडिया पर इनकी चर्चा तेज हो गई है. इस बीच लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उन्होंने इतने कम उम्र में ये कैसे कर दिखाया और आखिर उन्होंने कौन सी पढ़ाई की है? 

कहां से की है पढ़ाई? 

बता दें कि सूर्य ने अपनी शुरुआती पढ़ाई कैलिफोर्निया के सैन जोस में स्थित बेलामिने कॉलेज प्रिपरेटरी से पूरी की है. इसके बाद हायर एजुकेशन के लिए उन्होंने वाशिंगटन की मानी जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया. यहीं से उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ आया एआई स्टार्टअप मर्कोर को समय देने के लिए उन्होंने 2023 में दो साल पढ़ाई के बाद कॉलेज छोड़ दिया. 

कैसे शुरू हुआ 'मर्कोर' का सफर 

बता दें कि सूर्य को यह विरासत में नहीं मिला बल्कि एआई की दुनिया में बनाई गई अपनी कंपनी से मिला है. उन्होंने अपने दोस्तों के साथ ब्रेंडन फूडी और आदर्श हिरेमथ के साथ मिलकर मर्कोर की शुरुआत की थी. ये कंपनी नॉर्मल हायरिंग एजेंसी की तरह काम नहीं करती है बल्कि इसका पूरा सिस्टम AI पर चलता है. आसानी से समझे तो मर्कोर कंपनियों के लिए ऐसे लोगों की तलाश करती है जो AI मॉडल ट्रेन कर सकें, रिसर्च के साथ टेक्निकल काम भी कर सकें. कंपनी खुद AI की मदद से इंटरव्यू लेती है, स्किल चेक करती है और कंपनी के मैच करती है. यह मॉडल इतनी तेजी से बढ़ा कि कुछ ही साल में कंपनी की वैल्यू 10 बिलियन डॉलर पर पहुंच गई. 

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2025 में आई तेजी 

वहीं, 2025 में दुनिया भर में एआई के लगभग हर सेक्टर में भारी उछाल आया. इस तेजी का फायदा मर्कोर को भी मिला. फोर्ब्स के मुताबिक, कंपनी का सालाना रेवेन्यू 2025 की शुरुआत में जहां 100 मिलियन डॉलर था वह कुछ महीनों में बढ़कर 500 मिलियन डॉलर के पार पहुंच गया. 

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