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UPSC CSE 2019: देश के सबसे युवा IAS में से एक होगी कुपवाड़ा की ये लड़की

UPSC CSE 2019: जामिया मिलि‍या इस्लामिया की रेजिडेंश‍ियल एकेडमी से तैयारी करके सेकेंड अटेंप्ट में नादिया ने पास की यूपीएससी परीक्षा. नादिया ने कहा कि मेहनत करो तो दुनिया में कोई भी लक्ष्य पाना असंभव नहीं होता.

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कुपवाड़ा की नादिया ने क्रैक किया यूपीएससी
कुपवाड़ा की नादिया ने क्रैक किया यूपीएससी

UPSC CSE 2019: कश्मीर के कुपवाड़ा जिले की 23 साल की नादिया बेग ने संघ लोक सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है. नादिया ने इस परीक्षा में 350वीं रैंक हासिल की है. ​​नादिया बेग के माता-पिता सरकारी शिक्षक हैं. नादिया जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) स्नातक हैं.

नादिया ने एक इंटरव्यू में बताया कि ये मेरा दूसरा अटेंप्ट था, मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है.कश्मीर से आकर मैंने दिल्ली में तैयारी की. अब मुझसे मेरे इलाके के बहुत से लोग सीखेंगे और आगे बढ़ेंगे.

आईएएस ने दी बधाई

कुपवाड़ा के पुंजवा गांव में कक्षा 12 की परीक्षा पास करने के दिन ही उन्होंने आईएएस बनने का ख्वा‍ब देखा था. नादिया ने अपनी स्कूली शिक्षा कुपवाड़ा जिले के सरकारी स्कूलों से की. फिर 12 वीं के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से स्नातक की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आ गई. 2017 में स्नातक करने के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी.

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नादिया 2018 के पहले अटेंप्ट में प्रीलिम्स भी नहीं निकाल पाईं, लेकिन उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा.

नादिया ने इस परीक्षा में पास होने का श्रेय अपने परिवार और भाई को दिया. उन्होंने कहा कि मुझे अभी अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का तरीका नहीं पता है. इसका सारा श्रेय मेरे परिवार को जाता है, विशेष रूप से मेरे भाई को, जिसने सिविल सेवाओं के लिए पढ़ाई के दौरान मुझे प्रोत्साहित किया.

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उसकी दो बहनें SKIMS में MBBS कर रही हैं और उनके भाई ने BBA पूरा कर लिया है, जो सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर रहा है. बेग ने एक इंटरव्यू में कहा कि इंटरनेट बैन होने से छात्रों के लिए पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है. हालांकि मैं उस समय दिल्ली में थी जहां मैंने इस परीक्षा के लिए तैयारी की थी. लेकिन मेरे सामने एकमात्र कठिनाई यह थी कि मैं अपने परिवार के साथ उस समय जब 5 अगस्त के बाद लॉकडाउन हुआ था, संपर्क नहीं बना पा रही थी.

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नादिया ने बताया कि उनका वैकल्पिक विषय समाजशास्त्र था, जिसके लिए वह एक कोचिंग सेंटर गईं और बाकी की पढ़ाई उन्होंने खुद की. वह कहती हैं कि छात्रों से उनकी अपील है कि वे अपने लक्ष्य को पाने के लिए केंद्रित रहें.

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