मध्य प्रदेश में सहरिया, बैगा और भारिया जनजाति के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए राज्य सरकार ने नौकरी में विशेष छूट का प्रावधान किया है. उन्हें नौकरी के लिए सिर्फ आवेदन करना होगा, परीक्षा अथवा साक्षात्कार प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनना पड़ेगा.
राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के लिए बनाए गए लोकसेवा अधिनियम, 1994 की धारा 13 में मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए अधिनियम 1998 के आरक्षण व भर्ती नियम में संशोधन कर दिया है.
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सहरिया, बैगा और भारिया जनजाति से संबंध रखने वाले जिन आवेदकों के पास संविदा पर स्कूल शिक्षक, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के किसी भी पद अथवा वनरक्षक के पद के लिए न्यूनतम योग्यता होगी, उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए बिना उक्त पद पर नियुक्त किया जाएगा.
राज्य में तीनों जनजातियां खास इलाकों में रहती है, इसी आधार पर क्षेत्र भी तय किए गए हैं. परीक्षा व साक्षात्कार के बिना नौकरी पाने का लाभ श्योपुर, दतिया, मुरैना, भिंड,ग्वालियर, शिवपुरी, गुना की सहरिया जनजाति, मंडला, डिंडौरी, शहडोल, उमरिया, बालाघाट व अनूपपुर की बैगा जनजाति और बालाघाट के तामिया विकासखंड की भारिया जनजाति को मिलेगा.
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा किए गए संशोधन को राज्यपाल की भी अनुमति मिल गई है.