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IIM से ग्रेजुएशन कर नौकरी के लिए पहुंची दिल्ली, खर्च किए 75000 रुपये, फिर हो गया स्कैम 

सोशल मीडिया पर नौकरी को लेकर कई तरह के स्कैम सामने आते रहते हैं. लेकिन हाल ही में MBA करने वाली एक छात्रा ने अपने साथ हुए एक दुखद अनुभव शेयर किया है. छात्रा ने बताया कि IIM से ग्रेजुएशन करने के बाद उसने नौकरी के लिए शहर बदल लिया लेकिन जो हुआ उसे इसका अंदाजा नहीं था. 

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नौकरी के लिए आई दिल्ली लेकिन हो गया स्कैम. (Photo : Pexels)
नौकरी के लिए आई दिल्ली लेकिन हो गया स्कैम. (Photo : Pexels)

आज के समय में जैसे-जैसे डिजिटल टेक्नोलॉजी आगे बढ़ रही है वैसे स्कैम भी बढ़ते जा रहे हैं. नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़े के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक मामला आईआईएम बोधगया से एमबीए करने वाली एक छात्रा के साथ हुआ. छात्रा का दावा है कि उसे दिल्ली में नौकरी का ऑफर मिला था, लेकिन जब वह काम के लिए वहां पहुंची तो दिए गए पते पर कोई सही ऑफिस ही नहीं था. उसने अपना पूरा अनुभव लिंक्डइन पोस्ट के जरिए साझा किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसके बाद से सोशल मीडिया एक्स पर भी शेयर किया गया था. 

शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद हायरिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता, ऑनबोर्डिंग में देरी और नौकरी शुरू करने वाले नए ग्रेजुएट्स की सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया कितनी भरोसेमंद और सुरक्षित है. 

क्या है पूरा मामला?

पोस्ट में ऐसा दावा किया जा रहा है कि छात्रा ने साल 2026 में ही MBA पूरा किया है. उससे बड़ी बात ये रही कि उसे कैंपस रिक्रूटमेंट के जरिए ही नौकरी मिल गई. छात्रा ने लिखा कि मैं आईआईएम बोधगया से 2026 बैच की एमबीए ग्रेजुएट हूं. मुझे नौकरी मिल गई है. मुझे ऑफर लेटर मिल चुका है. जॉइनिंग डेट तय हो चुकी है और नौकरी पक्की हो गई है. 

नौकरी के लिए आ गई दिल्ली

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नौकरी पक्की होने की उम्मीद में वह अकेले ही दिल्ली आ गई और यहां रहने के लिए करीब 75000 रुपये खर्च किए. उसने आगे लिखा कि नौकरी मिलने की खुशी में मैंने अपना सामान पैक किया और अकेले ही दिल्ली चली गई. मुझे भरोसा था कि मुझे नौकरी मिल जाएगी. 

जॉइनिंग वाले दिन हो गया स्कैम 

पोस्ट के मुताबिक, मामला तब गंभीर हो गया जब छात्रा 4 मई को जॉइनिंग के लिए कंपनी की ओर से दी गई लोकेशन पर पहुंची. वहां पहुंचने के बाद उसे पता चला कि बताए गए पते पर तो कोई ऑफिस है ही नहीं. मैंने वहां पर दो घंटे तक इंतजार किया. मैंने फोन किया, मैसेज किया लेकिन मुझे कोई जवाब नहीं मिला. छात्रा के पोस्ट के अनुसार, बाद में कंपनी की तरफ से कहा गया कि जिस ऑफिस से काम होना था उसका किराये का समझौता खत्म हो चुका है. जबकि इससे पहले उसे नौकरी और जॉइनिंग को लेकर पूरा भरोसा दिलाया गया था. 

(फोटो: एसएस/एक्सपोस्ट)

इंतजार करने की मिली थी सलाह 

पोस्ट में आगे लिखा था कि उसे बार-बार वेट करने की सलाह दी जा रही थी और बोला जा रहा था कि हायरिंग प्रोसेस चल रही है. उसने इस बात का भी दावा किया कि कर्मचारी पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं और कुछ समय बाद उसे वर्क फ्रॉर्म होम की सुविधा दी जाएगी. 

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पोस्ट के अनुसार, लंबे समय तक बनी अनिश्चितता और नौकरी के लिए नए शहर में शिफ्ट होने पर अपनी बचत खर्च करने के कारण वह आर्थिक परेशानी में आ गईं. उनका आरोप है कि कंपनी ने मुआवजे का वादा किया था, लेकिन उसे भी पूरा नहीं किया. उन्होंने यह भी कहा कि बाद में कंपनी ने जवाब देना बंद कर दिया और कथित तौर पर सीईओ ने कॉल और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया. 

भावनात्मक असर बताते हुए उन्होंने कहा कि नौकरी के लिए अकेले नए शहर में जाना और फिर जिम्मेदार व्यक्ति का अचानक गायब हो जाना उनके लिए बेहद मुश्किल अनुभव था. मेरे पास ऑफर लेटर था, प्रूफ था और उम्मीद थी. उन्होंने आगे बताया कि जब उनके पास कोई और विकल्प नहीं था तो, उन्होंने अपने कॉलेज की प्लेसमेंट कमेटी से मदद ली और उन्हें नौकरी दिलाने में मदद की. छात्रों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि हर बात का रिकॉर्ड रखें फिर चाहे वह वादा हो, तारीख या मैसेज.

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