अब कंपनियां एआई के इस्तेमाल पर काफी जोर दे रही हैं. नतीजा ये है कि एआई की वजह से कई लोगों की नौकरियां खतरें में पड़ गई हैं. लेकिन, ये भी कहा जा रहा है कि एआई के आने से कई नौकरियों में विस्तार होगा और मार्केट में कई नौकरियां भी आएंगी. एआई के इस माहौल में लोगों के मन में सवाल है कि क्या एआई सभी नौकरियों के लिए संकट बन जाएगा या आने वाले दौर में बड़े स्तर पर नौकरियां जाएंगी. तो जानते हैं आखिर एआई का नौकरियों पर कितना असर होगा...
49 फीसदी नौकरियों को करेगा प्रभावित
एआई फर्म एंथ्रोपिक की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि यह तकनीक वर्तमान में नौकरियों को खत्म करने के बजाय वर्कर्स की मदद कर रही है. लेकिन, इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि एआई नौकरियां खत्म करेगा या नहीं, इस पर सीधी राय नहीं बनाई जा सकती. ये कई कारणों पर निर्भर करता है नौकरियों का क्या हाल रहेगा. इससे पहले कंपनी के सीईओ ने कहा था कि एआई सभी एंट्री-लेवल व्हाइट-कॉलर नौकरियों में से आधी को खत्म कर सकता है. हालांकि, अब जो रिपोर्ट सामने आई है, उसमें अलग कहानी है.
रिपोर्ट में सामने आया है कि 49 फीसदी नौकरियों में अब कम से कम एक चौथाई कामों में एआई का इस्तेमाल किया जा सकता है और 2025 से अब तक इसमें 13 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. एआई का इस्तेमाल अक्सर उन कामों में ज्यादा किया जाता है, जिनके लिए अर्थव्यवस्था में औसत से उच्च स्तर की शिक्षा की आवश्यकता होती है, जैसे कि सॉफ्टवेयर डवलपमेंट.
टैलेंट भी बढ़ा रहा है एआई
एआई से सभी ऑफिस की नौकरियां एक ही तरह से प्रभावित नहीं होती हैं. ये तकनीक कर्मचारियों के कौशल को बढ़ा सकती है या उनके कौशल को कम कर सकती है. किसी की नौकरी जाना और या नया नौकरियों का जन्म लेना इस बात पर निर्भर करता है कि आखिर एआई का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है.
कितना असर पड़ेगा?
Nvidia CEO ने AI आने वाले दिनों में कोडिंग और IT जॉब्स को टेकओवर कर लेगा. हालांकि नल ठीक करने वाले प्लम्बर और राज मिस्त्री जैसी नौकरी सेफ रहेंगी. यह ट्रेडपर्सन (कारीगर) के लिए ग्रेट टाइम है क्योंकि आने वाले दिनों में डेटा सेंटर की डिमांड बढ़ेगी और मैनुअल काम करने वाले लेबर की जरूरत होगी. वे लंबे समय से बार बार एक बात कह रहे हैं कि AI बड़े पैमाने पर जॉब किलर नहीं बनेगा, जिसका अनुमान बहुत से लोग लगा रहे हैं. जैसे AI ने रेडियोलॉजिस्ट के कुछ कामों को ऑटोमेट किया है. इसके बावजूद इस सेक्टर की नौकरियों में इजाफा हुआ है.
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट के मुताबिक, 54 फीसदी बिजनेसमैन का ऐसा मानना है कि आने वाले समय में AI मौजूदा नौकरियों को खत्म कर देगा. वहीं, दूसरी तरफ 24 प्रतिशत बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स ऐसे हैं, जो AI को खतरे की बजाय नए रोजगार का माध्यम मान रहे हैं. उनका मानना है कि नई टेक्नोलॉजी के साथ नए अवसर भी पैदा होंगे. रिपोर्ट में ये भी सामने आया है कि 45 प्रतिशत बिजनेसमैन ने AI को प्रॉफिट बनाने वाली तकनीक बताई है. उनका मानना है कि AI से काम तेजी से हो रहा और प्रॉफिट मार्जिन बढ़ रहा है.