सरकारी टीचर बनने का सपना लाखों युवाओं का होता है. स्थिर नौकरी, सम्मान और अच्छे ग्रोथ के लिए टीचिंग प्रोफेशन आज भी सबसे भरोसेमंद करियर है. लेकिन हमेशा ही छात्रों के मन में इस तरह के सवाल होते हैं कि सरकारी टीचर बनने के लिए कौन सा कोर्स करना होता है या इसके लिए किन प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ता है?
अगर आप भी इन सारे सवालों से घिरे हुए हैं और समझ नहीं पा रहे हैं कि किस तरह से इनके लिए अप्लाई करें, तो इससे जुड़ी सारी डिटेल्स के बार में जानते हैं.
पहले आपको समझना होगा कि आप किस तरह के टीचर बनाना चाहते हैं. सरकारी टीचर के लिए तीन लेवल पर नियुक्ति की जाती है. पहला प्राइमरी टीचर जो कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को पढ़ाते हैं. दूसरा अपर प्राइमरी टीचर होते हैं, जो कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को पढ़ाते हैं. वहीं, तीसरा सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी टीचर होते हैं, जो कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को पढ़ाते हैं. हर लेवल के लिए योग्यता और कोर्स अलग- अलग होते हैं.
प्राइमरी टीचर बनने के लिए उम्मीदवार को 12वीं के बाद डीएलएड (D.EL.ED) यानी डिप्लोमा इन अलीमेंट्री एजुकेशन करना होगा. ये कोर्स 2 साल का होता है. इसके अलावा उम्मीदवारों को केंद्र सरकार की ओर से आयोजित (CTET) या राज्य सरकार की ओर से आयोजित (TET) परीक्षा पास करना अनिवार्य है.
वहीं, अगर कोई कक्षा 6 से 8 तक सरकारी स्कूल में टीचर बनना चाहता है यानी अपर प्राइमरी टीचर के लेवल पर अप्लाई करना चाहता है तो, उसके लिए उम्मीदवार को ग्रेजुएशन पास होना अनिवार्य है. इसके बाद उन्हें बैचलर ऑफ एजुकेशन (B.Ed) करना होगा. B.Ed के बाद उम्मीदवारों को CTET या TET का एग्जाम भी पास करना जरूरी है.
लेकिन अगर आप सीनियर सेकेंडरी टीचर बनने का सपने देख रहे हैं तो, इसके लिए ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पास करना बेहद जरूरी है. इसके साथ ही B.Ed भी पास करना जरूरी है. इसके बाद उम्मीदवारों को ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT) और पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) पास करना होता है.
सरकारी टीचर के लिए भर्ती केंद्र सरकार या राज्य सरकार की ओर से आयोजित की जाती है. इसके लिए सबसे पहले नोटिफिकेशन जारी किया जाता है. बाद में आवेदन किए जाते हैं. आवेदन के बाद लिखित परीक्षा होती है. इसके बाद से इंटरव्यू होता है और परीक्षा के स्कोर के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है. इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के साथ ये प्रोसेस खत्म हो जाता है.