देश में जब भी किसी बड़े नेता, अभिनेता या कारोबारी के घर ईडी की छापेमारी होती है, तो देशभर की निगाहें छापा मार रहे उस अधिकारी पर टिक जाती है. हर कोई यहीं जानना चाहता है कि आखिर कौन होते हैं ये ईडी के अधिकारी जिनके पास इतनी ताकत होती है कि बड़े से बड़े सितारे भी उनसे डरते हैं.
ईडी का मतलब प्रवर्तन निदेशालय है. ये देश में फैले भ्रष्टाचार पर नकेल कंसने के लिए छापेमारी करते हैं, जिसके कारण ये आए दिन चर्चा का विषय बने रहते हैं. ऐसे में अगर आप भी ईडी अधिकारी बनना चाहते हैं, तो यहां पर जान लें कि इसके लिए क्या होती है योग्यता और किस तरह होते है इसका चयन.
ईडी केंद्र सरकार की एक अहम जांच एजेंसी है, जो सरकार के तहत काम करती है. ये मनी लॉन्ड्रिंग, काले धन और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच करते हैं.
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय में अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री प्राप्त होनी चाहिए. वहीं, इसके एज लिमिट की बात करें, तो इसके लिए न्यूनतम एज 18 साल और अधिकतम एज 30 साल होनी चाहिए.
ईडी के अधिकारी का चयन IAS, IPS समेत कई रैंक के आधार पर किया जाता है. इनका सिलेक्शन A, B और C के पदों पर किया जाता है. ग्रुप A पदों में स्पेशल डायरेक्टर,एडिशनल डायरेक्टर, ज्वाइंट डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर और असिस्टेंट डायरेक्टर आते हैं. ग्रुप B में प्रमोशन या फिर एसएससी की ओर से भर्ती प्रक्रिया का आयोजन किया जाता है. वहीं, ग्रुप C के लिए भर्ती का आयोजन निदेशालय की ओर से समय-समय पर किया जाता है.
वहीं, अगर आप ईडी में सहायक प्रवर्तन अधिकारी बनने का सपना देख रहे हैं, तो इसके लिए आपको एसएससी सीजीएल एग्जाम को पास करना होगा. इस परीक्षा को पास करने के लिए उम्मीदवार के पास ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है.
इस परीक्षा में चार टियर होते हैं. टियर 1 में कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम देना होता है, जिसमें उम्मीदवारों को 1 घंटे का समय दिया जाता है. टियर 2 में कंप्यूटर आधारित परीक्षा का आयोजन किया जाता है जिसमें कुछ खास विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं.