भारत और ब्राजील के बीच दोस्ती को और मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने 3 अक्टूबर को नई दिल्ली में ब्राजील के राष्ट्रपति के विशेष सलाहकार राजदूत सेल्सो लुईस नुनेज अमोरिम से मुलाकात की. यह 6वां भारत-ब्राजील रणनीतिक संवाद था.
अमोरिम के साथ ब्राजील के वरिष्ठ अधिकारियों और सलाहकारों का एक दल भी था. यह बैठक दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाली थी. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि यह संवाद जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्राजील दौरे के दौरान तय पांच सहयोग के खंभों पर आगे बढ़ने का मौका था.
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एनएसए डोभाल और अमोरिम ने रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने कई क्षेत्रों में हो रही प्रगति पर बात की, जैसे...
इसके अलावा, दोनों ने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग पर चर्चा की. जैसे ब्रिक्स (भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका), आईबीएसए (भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) और नवंबर 2025 में ब्राजील द्वारा आयोजित होने वाले सीओपी-30 (जलवायु परिवर्तन सम्मेलन).
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एमईए ने कहा कि दोनों पक्ष प्रधानमंत्री मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा के विजन को लागू करने के लिए काम जारी रखेंगे. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह बैठक वैश्विक परिदृश्य पर उपयोगी चर्चा थी. उन्होंने कहा कि हमने रणनीतिक सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर बात की.
A pleasure meeting Amb. Celso Amorim, Special Advisor to President of Brazil, today in New Delhi.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar)
Had a useful exchange on the current global scenario and on opportunities for deepening our strategic cooperation.
🇮🇳 🇧🇷
यह संवाद कोई अचानक नहीं, बल्कि हाल की घटनाओं का नतीजा है. अगस्त 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और ब्राजील पर 50 प्रतिशत टैरिफ (आयात शुल्क) लगा दिए. इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा. इसके तुरंत बाद ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की.
दोनों नेताओं ने टैरिफ के प्रभाव पर चर्चा की और वादा किया कि व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे. लूला ने कहा कि वे 2026 की शुरुआत में भारत का दौरा करेंगे. यह फोन कॉल दोनों देशों को अमेरिकी नीतियों के खिलाफ एकजुट करने वाली थी.
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भारत के लिए यह संवाद बहुत खास है. अमेरिकी टैरिफ के बाद भारत को व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीक साझेदारी में मजबूती चाहिए. ब्राजील के साथ नजदीकी से भारत को कई फायदे होंगे...
यह साझेदारी भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' योजना को भी मजबूत करेगी. ब्राजील दक्षिण अमेरिका का बड़ा देश है, जो ऊर्जा और कृषि में ताकतवर है. दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करेंगे.
भारत-ब्राजील का यह 6वां रणनीतिक संवाद दोनों देशों के बीच विश्वास को बढ़ाता है. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला के विजन से प्रेरित होकर अब काम तेज होगा. अमेरिकी टैरिफ जैसे संकटों में भी यह साझेदारी भारत को मजबूत बनाएगी. उम्मीद है कि लूला का 2026 का भारत दौरा नई ऊंचाइयों को छुएगा. यह बैठक दिखाती है कि वैश्विक पटल पर भारत की भूमिका बढ़ रही है. दोनों देश मिलकर शांति, विकास और सहयोग का संदेश देंगे.