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दिल्ली के राम रहीम के आश्रम पहुंची पुलिस, 180 महिलाओं का होगा मेडिकल

रोहिणी के विजय विहार इलाके में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में लड़कियों के साथ यौन शोषण की शिकायत मिलने के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर गुरुवार की सुबह दिल्ली पुलिस, महिला आयोग, CWC और DCPCR की टीम आश्रम में पहुंची.

आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में यौन शोषण केस आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में यौन शोषण केस

रोहिणी के विजय विहार इलाके में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में लड़कियों के साथ यौन शोषण की शिकायत मिलने के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर गुरुवार की सुबह दिल्ली पुलिस, महिला आयोग, CWC और DCPCR की टीम आश्रम में पहुंची है. इसके बाद महिला डॉक्टरों की एक टीम भी पहुंची, जो आश्रम में मौजूद महिलाओं की मेडिकल जांच कर रही है.

आश्राम में 180 महिलाएं मौजूद हैं. पुलिस की टीम आश्रम से करीब 10 महिलाओं को लेकर एक वैन में बिठाकर ले गई है. एक सीनियर पुलिस अफसर ने बताया है कि उन्हें हाईकोर्ट भेजा गया है. आजतक के सवाल पर एक महिला ने बताया कि आश्रम में छानबीन चल रही है. जो भी सच्चाई है, वो सबके सामने आ जाएगी. हमें पुलिस लेकर जा रही है.

इतना ही नहीं कुछ लोग भी अपने घर की महिलाओं को ढूंढते हुए आश्रम पहुंचे हैं. एक परिवार के तीन सदस्य शैलेश गुप्ता, वंदना, शिंटु आश्रम पहुंचे. शिंटु का कहना है कि उनकी मां और बहन 6-7 साल से आश्रम के अंदर बंद हैं. इन लोगों का आरोप है कि वे जब भी यहां आते हैं, इन्हें उनसे मिलने नहीं दिया जाता है. हम हर बार यहां से वापस चले जाते हैं.

इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने आध्यात्मिक विश्वविद्यालय पर सीबीआई को छापे मारने के आदेश दिए हैं. इसके लिए सीबीआई एसआईटी गठन कर रही है. एसएचओ विजय विहार ने सभी संबंधित दस्तावेज सीबीआई को मुहैया करा दिए हैं. दिल्ली सरकार को निर्देश दिया गया है कि आध्यात्मिक विश्विद्याल में मौजूद लड़कियों का डॉक्टरों से इलाज और जांच कराए.

कोर्ट ने कहा कि आध्यात्मिक विश्वविद्यालय यदि एक बढ़िया संस्था है, तो वहां इतने ताले क्यों लगे हैं? हमारी टीम को अंदर जाने में 2 घंटे क्यों लगे? यदि सही हैं तो ट्रांसपैरेंसी लाएं. आध्यात्मिक विश्वविद्यालय सही है या गलत इस पर अभी हम कमेंट नहीं कर रहे हैं. आध्यात्मिक विश्वविद्यालय कल कोर्ट में सभी लड़कियों का डिटेल दायर करेगा.

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर ही एक टीम वहां पर जांच करने पहुंची थी. लेकिन टीम को ही बंधक बना लिया गया था. कोर्ट ने कहा है कि ये मामला भी राम रहीम जैसा हो सकता है, इसलिए तुरंत छापा मारे जाने की जरूरत है. ताकि नाबालिग लड़कियों को तुरंत रेस्क्यू किया जा सके. परिजनों का आरोप था कि उन्हें युवतियों से मिलने नहीं दिया जा रहा.

एक एनजीओ द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में इस मुद्दे को लेकर याचिका दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये आदेश दिए हैं. एक पीड़ित युवती ने कोर्ट से कहा था कि आश्रम में बहुत से ऐसे लोग हैं जो नाबालिग युवतियों का ब्रेनवाश करते हैं और यौन शोषण भी करते हैं. दो महीने से उसके साथ यौन शोषण किया जा रहा था.

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