नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर हिंसा देखी गई थी. इस मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर आरोपियों की धड़पकड़ कर रही है. वहीं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले 498 लोगों के नाम अब सामने आ चुके हैं.
सीएए पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के मामले में उत्तर प्रदेश के कई जिलों से रिपोर्ट आ गयी है. लखनऊ, मेरठ, संभल, रामपुर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, मऊ और बुलंदशहर जिला प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेज दी. इस रिपोर्ट में 498 लोगों के नाम है, जिन्होंने सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था.
Information & Communication Department of UP: 498 people have been identified in connection with the damage caused to public property during recent protests in Lucknow, Meerut, Sambhal, Rampur, Muzaffarnagar, Ferozabad, Kanpur Nagar, Mau and Bulandshahar. #CAA pic.twitter.com/Mo5SyOUKXq
— ANI UP (@ANINewsUP) December 27, 2019
इनमें लखनऊ से 82, मेरठ से 148, संभल से 26, रामपुर से 79, मुजफ्फरनगर से 73, फिरोजाबाद से 13, कानपुर नगर से 50, मऊ से 8 और बुलंदशहर से 19 लोगों की पहचान की गई है, जिन्होंने सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया. वहीं सरकार के जरिए आरोपियों की पहचान कर नोटिस भी थमाया जा रहा है.
प्रदर्शनकारियों की पहचान कर भेजे जा रहे नोटिस
उत्तर प्रदेश में हिंसाग्रस्त हर जिले की पुलिस ने ट्विटर से लेकर चौक चौराहों तक उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें टांग दी हैं. पहचान बताने वालों को इनाम का ऐलान तक कर दिया गया है. साथ ही जिन की पहचान हो चुकी है उनके घरों पर नोटिस भेजे जाने लगे हैं. नोटिस में यह पूछा जा रहा है कि आप हिंसक प्रदर्शन में शामिल थे, उपद्रव और तोड़फोड़ में आप पहचाने गए हैं क्यों ना आपके खिलाफ कार्रवाई की जाए.