उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक गैंगरेप पीड़िता ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है. जहांगीराबाद के एक गांव की रहने वाली एलएलबी छात्रा ने लेखपाल समेत दो लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था. इस मामले में 2 सितंबर को केस दर्ज किया गया था, लेकिन अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है. इससे परेशान होकर दुष्कर्म पीड़िता ने फांसी लगाकर जान दे दी. इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने जांच के आदेश दिए हैं.
22 साल की एलएलबी छात्रा जहांगीराबाद में अपने मौसी के घर पर रहकर पढ़ाई कर रही थी. बुधवार सुबह जब घरवालों ने उसे जगाने के लिए दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. शक होने पर घर वालों ने किसी तरह दरवाजा खोला तो उनके होश उड़ गए. घरवालों ने युवती का शव फंदे से लटका पाया. उसने दुपट्टे को फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी. कमरे में से युवती का मोबाइल फोन बरामद हुआ है. पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है.
पिछले महीने उन्नाव में एसपी कार्यालय के बाहर एक 23 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता ने खुद को आग लगा ली थी. बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी. महिला ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि पुलिस उसकी शिकायत पर दुष्कर्म के आरोपी अवधेश सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है.
उसने दावा किया था कि व्यक्ति ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन अब वह रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर रहा है. अवधेश सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का एक मामला दर्ज कर लिया गया लेकिन बाद में उसे अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. महिला ने खुद को आग लगा ली थी, जिसके बाद वह 70 प्रतिशत झुलस गई. उसे 16 दिसंबर को कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल में भर्ती कराया गया था.