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TVF सीईओ अरुणाभ पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप, 4 महिलाओं की आपबीती

अरुणाभ के घर पर तीन महिलाओं के साथ मेरी एक मीटिंग थी. अपार्टमेंट के हॉल में मीटिंग चल रही थी. तभी अरुणाभ मीटिंग बीच में छोड़कर उठ गया और अंदर की तरफ चला गया. कुछ देर बीतने के बाद जब वह नहीं आया, तो मैं आवाज देते हुए अंदर की तरफ गई. अचानक, मैंने महसूस किया कि किसी ने पीछे आकर मेरे दोनों वक्षस्थल दबा दिए. मैं पीछे मुड़कर देखी, तो वो अरुणाभ था.

TVF के सीईओ और संस्थापक अरुणाभ कुमार TVF के सीईओ और संस्थापक अरुणाभ कुमार

'अरुणाभ के घर पर तीन महिलाओं के साथ मेरी एक मीटिंग थी. अपार्टमेंट के हॉल में मीटिंग चल रही थी. तभी अरुणाभ मीटिंग बीच में छोड़कर उठ गया और अंदर की तरफ चला गया. कुछ देर बीतने के बाद जब वह नहीं आया, तो मैं आवाज देते हुए अंदर की तरफ गई. अचानक, मैंने महसूस किया कि किसी ने पीछे आकर मेरे दोनों वक्षस्थल दबा दिए. मैं पीछे मुड़कर देखी, तो वो अरुणाभ था. मैं हैरान थी. वह मेरी आंखों में आंखें डालकर देख रहा था. मैं कमरे से भागी. मीटिंग तुरंत खत्म करके लौट आई. इसके बाद TVF कभी वापस नहीं लौटी.'

जी हां, ये उस महिला की सनसनीखेज दास्तान है, जिसने यूट्यूब चैनल ‘द वायरल फीवर’ (TVF) के सीईओ और संस्थापक अरुणाभ कुमार पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. पीड़िता ने आरोप लगाया कि ढाई साल के कार्यकाल के दौरान उसके साथ कई बार छेड़छाड़ की गई. हालांकि, TVF ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उस पर लगाए गए इल्जाम पूरे तरीके से झूठे हैं. ये TVF और उसकी टीम को बदनाम करने के लिए लिखा गया है. वहीं, इस मामले में कई और महिलाओं ने अरुणाभ पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए आपबीती शेयर की हैं.

पीड़िता ने अपने ब्लॉग में लिखा है...
उस दिन शाम करीब 6.45 बजे अरुणाभ ने अचानक मुझे कॉल करके ऑफिस बुलाया. उसका कहना था कि मेरे काम का कुछ हिस्सा पूरा नहीं हुआ है. मैं तुरंत ऑफिस पहुंची. वहां तीन लोग मौजूद थे. उनमें से दो पांच मिनट के अंदर चले गए. अरुणाभ अपनी कुर्सी पर आराम से बैठा था. उसने मेरी तरफ देखा और पूछा- चतर्भुज स्थान का नाम सुनी हो? मैं चकित थी. चतर्भुज स्थान बिहार के मुजफ्फरपुर का रेड लाइट एरिया है. मैंने इस सवाल पर कोई रेस्पांस नहीं दिया. उसने आगे पूछा- मुझे चतर्भुज स्थान बहुत पसंद है. उधर कॉमर्शियल डील होती हैं.

तुम भी तो कॉमर्शियल डील पर आई हो. इस बात को टालते हुए मैंने कहा- अरुणाभ आप बड़े भाई हैं. मेरी तबियत थोड़ी ठीक नहीं है. क्या करना है बताइए. हम करके घर जाएंगे. तभी उसने अचानक मेरा हाथ पकड़ा और कहा मैडम थोड़ा रोल प्ले करें. मैं हैरान थी. तब से यह रोजाना होने लगा. मेरे साथ बार-बार छेड़छाड़ हुई. एक दिन ओला की टीम से हमारी मीटिंग हो रही थी. अचानक अरुणाभ मीटिंग से उठकर अंदर चला गया. उसने मुझे आवाज दी. मैं अंदर गई तो उसने कहा- कम समय है, थोड़ा जल्दी में करते हैं. मैं आवाक उसे देखती रही.

इसके बाद मैंने उससे कहा कि मैं पुलिस के पास जाऊंगी. इस पर उसने कहा- पुलिस तो मेरी जेब में है. इस पर मैंने कई सीनियर अफसरों से भी बात की, लेकिन किसी ने भी मेरी मदद नहीं की. पीड़िता ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि उसकी और अरुणाभ कुमार की मुलाकात मुंबई के एक कैफे में साल 2014 में हुई थी. अरुणाभ ने उसको अपनी कंपनी में नौकरी दे दी. पीड़िता और अरुणाभ बिहार के एक ही शहर से हैं. उसे लगा कि उसे अरुणाभ से मदद मिलेगी, लेकिन जॉब के 21 दिन के अंदर ही ये सबकुछ उसके साथ हो गया.

आईआईटी क्लासमेट को भी नहीं बक्शा
अरुणाभ कुमार पर केवल उसके साथ काम करने वाली महिलाओं ने ही छेड़छाड़ का आरोप नहीं लगया है, बल्कि आईआईटी खड़गपुर में उसके साथ पढ़ने वाली एक लड़की ने भी उस पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. उसने हिन्दी वेबसाइट द क्विन्ट से कहा- साल 2012 में मुंबई में मेरे साथ ये घटना घटी थी. हम दोनों कॉफी पीने के लिए एक साथ गए थे. उस समय अरुणाभ ने मुझसे कहा- 'क्या तुम मेरे साथ मेरे घर चलोगी और डांस करोगी.' मैं हैरान थी. उसने मुझसे कहा कि मैं न्यूड होकर उसके सामने डांस करूं.

पड़ोसी ने भी लगाया छेड़छाड़ का आरोप
क्लासमेट के अलावा अरुणाभ कुमार की एक पड़ोसी ने भी लिखा है- एक दिन मैं उसके स्टूडियो के बाहर फोन पर बात कर रही थी. उसने मुझे आवाज दी और अंदर बुलाया. मैं स्माइल दिया और टहलने लगी. इसके बाद उसने मुझसे कहा कि मैं रत्नागिरी गया था. वहां से आम लेकर आया है. उसने मुझसे पूछा कि क्या मैं ये खाऊंगी? इस दौरान वह मेरे पूरे बदन को सहलाने की कोशिश कर रहा था. मैं डर गई. उसे ना कहा और एक घूसा देकर वहां से भाग निकली. वह उसका इरादा भाप चुकी थी कि वह मुझसे क्या चाहता था.

TVF मेंबर ने बताया आरोप को निराधार
अरुणाभ कुमार पर लगे छेड़छाड़ के इन आरोपों पर TVF की कोर टीम मेंबर निधि बिष्ट ने फेसबुक पर लिखा है- 'महिलाओं के लिए काम करने के लिए TVF बेहतरीन स्थानों में से एक है. मेरे साथ टीम TVF और खासकर अरुणाभ बेहद सम्मान के साथ पेश आते हैं. बेशक इसका मतलब यह नहीं है कि हर किसी का अनुभव ऐसा ही हो. 24 घंटे पहले जब पहला ब्लॉग आया, तो मैंने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया. मैंने जांच की, लेकिन पीड़िता का ऑफिस में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला. उसके आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं.

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