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तरन तारन ब्लास्ट केस: पुलिस ने 6 और संदिग्ध किए गिरफ्तार!

सूत्रों के मुताबिक 32 लोगों से अब तक हुई पूछताछ से अहम सुराग मिले हैं जिससे धमाके के पीछे का मकसद साफ हो सके. एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक आरोपी किसी सार्वजनिक जगह पर धमाका करना चाहते थे. ये पता लगाने के लिए जांच जारी है कि ये लोग किनके कहने पर ये सब कर रहे थे.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

  • 32 संदिग्धों से पुलिस कर चुकी है पूछताछ, विदेश से फंडिंग की संभावना से इनकार नहीं
  • वरिष्ठ अधिकारी को शक, आरोपी किसी सार्वजनिक जगह पर करना चाहते थे धमाका

बीते हफ्ते खडूर साहिब लिंक रोड पर कलेर गांव में हुए धमाके के सिलसिले में तरन तारन पुलिस ने छह और संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है. इनका संबंध गुरदासपुर, पट्टी और अमृतसर से है. पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है.

कलेर गांव में 4 सितंबर को देर शाम पौने आठ बजे एक खेत में धमाका हुआ था. धमाके में दो युवक मारे गए और एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ. घायल युवक गुरजंट को अस्पताल में भर्ती कराया गया. वो अभी तक बयान देने की हालत में नहीं आया है. पुलिस को उम्मीद है कि गुरजंट का बयान दर्ज होने के बाद धमाके को लेकर अहम सुराग मिल सकेंगे.

ये धमाका सरहद से लगते अति संवेदनशील तरन तारन ज़िले में हुआ, इसलिए पुलिस जांच को लेकर खास सतर्कता बरत रही है. पुलिस के अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)  और एजेंसियों की ओर से भी जांच की जा रही है. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स की टीम भी मौके का मुआयना कर चुकी है. जिस खेत में धमाका हुआ वहां दो बड़े गड्ढे मिले.

धमाके के वक्त युवक खेत में काम कर रहे थे. हालांकि शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने जांच को लेकर चुप्पी साध रखी है लेकिन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह बयान दे चुके हैं कि आरोपी एक बोतल में बम बनाने की कोशिश कर रहे थे. केमिकल रिएक्शन की वजह से धमाका हुआ.

सूत्रों के मुताबिक 32 लोगों से अब तक हुई पूछताछ से अहम सुराग मिले हैं जिससे धमाके के पीछे का मकसद साफ हो सके. एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं खोलने की शर्त पर बताया, 'आरोपी किसी सार्वजनिक जगह पर धमाका करना चाहते थे. ये पता लगाने के लिए जांच जारी है कि ये लोग किनके कहने पर ये सब कर रहे थे.'  

सूत्रों के मुताबिक विदेश से फंडिंग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता. इसके कुछ सुराग मिले हैं. बता दें कि तरन तारन ज़िला पंजाब में खालिस्तानी उग्रवाद के दिनों में आतंकी गतिविधियों का केंद्र रह चुका है. पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस धमाके के तार अमृतसर में 18 नवंबर 2018 को ग्रेनेड हमले की घटना से भी जुड़े हैं जिसमें निरंकारी संप्रदाय के तीन लोगों की मौत हो गई थी और 19 घायल हुए थे. 

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