scorecardresearch
 

सूरतः फैक्ट्री में लगी आग, बगल में चल रहे स्कूल से बच्चों को सुरक्षित निकाला

गुजरात के सूरत स्थित एक वोवेन प्लास्टिक की थैली बनाने वाली फैक्ट्री में आग लग गई. फैक्ट्री के नजदीक स्कूल चल रहा था, लेकिन गनीमत रही कि आग की लपटें स्कूल तक नहीं पहुंच पाईं और इसको काबू कर लिया गया. इससे पहले तक्षशिला अग्निकांड में 22 बच्चों की मौत हो गई थी.

फैक्ट्री के बगल में ज्ञान गंगा हिंदी विद्यालय फैक्ट्री के बगल में ज्ञान गंगा हिंदी विद्यालय

गुजरात के सूरत में तक्षशिला अग्निकांड को अभी एक महीने भी नहीं हुए हैं कि शहर में एक बार फिर से आग लगने की घटना सामने आई है. मंगलवार को सूरत के भटार इलाके में स्थित एक वोवेन प्लास्टिक की थैली बनाने वाली फैक्ट्री में आग लग गई. गनीमत रही कि आग पर फौरन काबू पा लिया गया और आग की लपटें स्कूल को अपनी चपेट में नहीं ले पाईं. साथ ही स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को भी जल्द से जल्द बाहर निकाला गया. जिस फैक्ट्री में आग लगी, उसके बेहद नजदीक ज्ञान गंगा हिंदी विद्यालय है.

वहीं, आग लगने से फैक्ट्री के भीतर का सारा समान जलकर खाक हो गया. यह फैक्ट्री स्थानीय भाजपा पार्षद और महानगर पालिका के चेयरमेन मुकेश पटेल की है. भाजपा नेता की फैक्ट्री के ठीक बगल में ज्ञान गंगा हिंदी विद्यालय है, जहां कक्षा एक से आठ तक के बच्चे पढ़ते हैं. जब फैक्ट्री में आग लगी, तब बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे. आग की लपटें स्कूल तक पहुंचतीं, उससे पहले फायर बिग्रेड की टीम वहां पहुंच गई और आग पर काबू पा लिया.

भाजपा नेता की फैक्ट्री में आग लगने की घटना के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में स्कूल को खाली कराया और सील कर दिया. अब पुलिस फैक्ट्री में आग लगने की वजह का पता लगा रही है. साथ ही इसकी जांच कर रही है कि फैक्ट्री और स्कूल में आग बुझाने के कोई इंतजाम थे या नहीं?

सूरत में आग भले ही भाजपा नेता की फैक्ट्री में लगी हो, मगर सबकी नजर यहां स्थित ज्ञान गंगा हिंदी विद्यालय स्कूल पर थी. हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन फिर भी यह सवाल उठ रहा है कि आखिरकार कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में स्कूल कैसे चल रहा है? शिक्षा विभाग ने कमर्शियल कॉम्पलेक्स में स्कूल चलाने की इजाजत कैसे दी और प्रशासन ने अभी तक मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?

इससे पहले गुजरात के सूरत में तक्षशिला कॉम्प्लेक्स में आग लग गई थी. इस कॉम्प्लेक्स में कोचिंग चल रही थी, जिसमें भीषण आग लगने की वजह से 22 छात्रों की मौत हो गई थी. घटना के दो सप्ताह बाद सरकार ने दमकल विभाग के दो अधिकारियों को लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था. साथ ही दोनों अधिकारियों को सूरत नगर पालिका ने सस्पेंड भी कर दिया था. इस हादसे से भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें