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अखिलेश के रेप आरोपी मंत्री गायत्री प्रजापति को SC से राहत नहीं, जाना होगा जेल

रेप केस में फरार चल रहे यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने गिरफ्तारी को लेकर कोई आदेश नहीं दिया था, बल्कि यूपी पुलिस को केस दर्ज करके जांच करने आदेश दिया था. ऐसे यदि पुलिस चाहें, तो गायत्री को गिरफ्तार कर सकती है. इससे राहत के लिए गायत्री को संबंधित कोर्ट में याचिका देनी चाहिए.

यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति

रेप केस में फरार चल रहे यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने गिरफ्तारी को लेकर कोई आदेश नहीं दिया था, बल्कि यूपी पुलिस को केस दर्ज करके जांच करने आदेश दिया था. ऐसे यदि पुलिस चाहें, तो गायत्री को गिरफ्तार कर सकती है. इससे राहत के लिए गायत्री को संबंधित कोर्ट में याचिका देनी चाहिए.

जानकारी के मुताबिक, यूपी पुलिस द्वारा नॉन बेलेबल वॉरंट जारी होने के बाद से ही गायत्री प्रजापति फरार चल रहे हैं. सोमवार को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके गिरफ्तारी से राहत की मांग की थी. इस पर कोर्ट ने कहा कि हमने गिरफ्तारी को लेकर कोई आदेश नहीं दिया था. गायत्री प्रजापति अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए संबंधित कोर्ट में एनबीडब्लू को चुनौती दे सकते हैं.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा की हम अपना आदेश पारित कर चुके हैं. यदि यूपी पुलिस चाहेगी तो वह गायत्री को गिरफ्तार कर सकती है. इस पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कोई रोक नहीं है. बताया जा रहा है कि पुलिस को गायत्री प्रजापति की लोकेशन दिल्ली में मिली है. यूपी पुलिस की एक टीम मौजूद है. उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. वहीं, पुलिस गायत्री प्रजापति की संपत्ति भी कुर्क करने की तैयारी में है.

यूपी पुलिस गायत्री प्रजापति के सारे ठिकानों पर दबिश दे रही है. उनके करीबियों से पूछताछ की गई. उनके सारे फोन नंबर को ट्रैकिंग पर लगाया गया. खुफिया सूचना मिली है कि गायत्री विदेश फ़रार हो सकते हैं. लिहाजा यूपी पुलिस ने एयरपोर्ट पर भी अलर्ट जारी किया है. उसकी तलाश मे दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, बिजनौर, कन्नौज, बुलन्दशहर समेत तीन दर्जन से ज्यादा जगहों पर छापेमारी हुई है.

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यूपी पुलिस ने गायत्री प्रजापति और उनके सहयोगियों अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास शर्मा, चंद्रपाल, रूपेश और आशीष शुक्ला के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 376डी, 511, 504, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज किया. रेप पीड़िता के आरोप के मुताबिक, साल 2014 में नौकरी और प्लॉट दिलाने के बहाने गायत्री ने उसे लखनऊ स्थित आवास पर बुलाया.

पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि गायत्री के आवास पर चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया. इसके बाद वह होश खो बैठी. बेहोशी की हालत में मंत्री और उसके सहयोगी ने गैंगरेप किया था. इसका अश्लील वीडियो बनाया था. इसके जरिए गायत्री प्रजापति और उनके सहयोगी 2016 तक उसे और उसकी बेटी को हवस का शिकार बनाते रहे. 7 अक्टूबर 2016 को उसने थाने में इसकी शिकायत की थी.

 

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