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शराबबंदी पर भारी बिहार पुलिस, ऑपरेशन थियेटर बना बार, थाना लाइन हाजिर

बिहार में जिन कंधों पर शराबबंदी लागू करवाने की जिम्मेदारी है, वहीं राज्य सरकार की इस मुहिम को फेल करने में जी-जान से जुटे हुए हैं. हम बात कर रहे हैं बिहार पुलिस की. राज्य में पुलिस शराब माफियाओं से मिली हुई है. इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब एक निजी अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में शराबखाना पकड़ा गया.

SSP ने पूरे थाने को लाइन हाजिर कर दिया SSP ने पूरे थाने को लाइन हाजिर कर दिया

बिहार में जिन कंधों पर शराबबंदी लागू करवाने की जिम्मेदारी है, वहीं राज्य सरकार की इस मुहिम को फेल करने में जी-जान से जुटे हुए हैं. हम बात कर रहे हैं बिहार पुलिस की. राज्य में पुलिस शराब माफियाओं से मिली हुई है. इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब एक निजी अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में शराबखाना पकड़ा गया.

घटना राजधानी पटना के जक्कनपुर थाना क्षेत्र की है. पटना के एसएसपी मनु महाराज ने खुद इसका खुलासा किया. एसएसपी ने जक्कनपुर थाने के थानेदार समेत पूरे थाने को लाइन हाजिर कर दिया है. एसएसपी मनु महाराज ने बताया, अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में ऑपरेशन नहीं होते थे, बल्कि वहां शराबखाना चल रहा था.

एसएसपी ने कहा, जक्कनपुर थाने के पास इसकी जानकारी होते हुए भी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई. एसएसपी ने अपनी जांच में इस गोरखधंधे में थाने की संलिप्तता पाई. लिहाजा अस्पताल पर कार्रवाई के बाद एसएसपी ने पूरे थाने को लाइन हाजिर कर दिया.

गौरतलब है कि इससे पहले भी एसएसपी मनु महाराज ने पटना के बेउर थाने को भी इसी तरह से लाइन हाजिर किया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के भी एक थाने के सभी पुलिसकर्मियों को शराब माफियाओं से मिलीभगत की वजह से निलंबित कर दिया गया था.

बताते चलें कि शराबबंदी के कानून में प्रावधान है कि जो पुलिसकर्मी शराब के अवैध धंधे में शामिल होंगे उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा. शराबबंदी की शुरूआत में लगभग 10 थाना प्रभारियों पर यह कार्रवाई भी की गई लेकिन इसके बावजूद पुलिसवालों पर इसका कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है.

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