कानूनी शिकंजे से भाग रहे पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती अब आगरा में नहीं हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक वह हरियाणा और वेस्ट यूपी में लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं. करीब चार से पांच लोग उनकी मदद कर रहे हैं. पुलिस टेक सर्विलांस के जरिए उनके लोकेशन को लगातार ट्रेस कर रही है. उनका मोबाइल स्विच ऑफ है. पुलिस का कहना है कि किसी पेशेवर अपराधी की तरह पेश आ रहे हैं.
सोमनाथ पर सरेंडर करने के लिए चौतरफा दबाव पड़ रहा है, लेकिन उनका कहना है कि जबतक सुप्रीम कोर्ट फैसला नहीं आ जाता, वह सरेंडर नहीं करेंगे. उन्होंने कहा था, 'बुधवार को मेरे वकील सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद ही मैं अगला कदम उठाऊंगा. दिल्ली पुलिस राजनीतिक दबाव में आकर मेरे खिलाफ काम कर रही है. उसका उद्देश्य मुझे गिरफ्तार करके बदनाम करने का है.'
बुधवार को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी कहा कि हत्या के प्रयास और घरेलू हिंसा के आरोप का सामना कर रहे आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती को लुका छिपी खेलना बंद करना चाहिए. उन्हें जांच में पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा, 'यह समय है कि सोमनाथ भारती को लुका छिपी खेलना बंद करना चाहिए. पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए.'
बताते चलें कि सोमनाथ गिरफ्तारी से बचने के लिए कई दिनों से भाग रहे हैं. कभी हाईकोर्ट की शरण में तो कभी सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर. घरेलू हिंसा में FIR क्या दर्ज हुई, सोमनाथ के लिए उनके सियासी घर के दरवाजे भी बंद हो गए. वह इस वक्त दोहरी मुसीबत से गुजर रहे हैं. केजरीवाल सरकार ने खिड़की एक्सटेंशन मामले में पुलिस और महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी पर कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं.