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जुवेनाइल बोर्ड ही करेगा नाबालिग रेपिस्ट पर फैसला, निर्भया की मां बोलीं- कुछ भी नहीं बदला

निर्भया का नाबालिग अपराधी ही सबसे ज्यादा निर्मम था. कथित तौर पर उसी ने निर्भया को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई थी. अब हाई कोर्ट के रिहाई रोकने से मना करने के बाद अंतिम फैसला एक बार फिर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड पर ही आ गया है.

निर्भया कांड का नाबालिग आरोपी निर्भया कांड का नाबालिग आरोपी

निर्भया का वह नाबारिग अपराधी छूट जाएगा, जिसने उसे सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने उसकी रिहाई रोकने से मना कर दिया. हालांकि हाई कोर्ट ने इसका अंतिम फैसला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड पर ही छोड़ दिया कि उसका किया जाए. वह 20 दिसंबर को जुवेनाइल सेंटर से रिहा होना है.

 

 

पिता बोले- लड़ाई अभी जारी है
हाई कोर्ट का फैसला सुन निर्भया की निराश हो गईं. बोलीं- कुछ नहीं बदला. हमारे सारे प्रयास बेकार गए. वहीं, पिता ने कहा कि हम कोर्ट से बड़े नहीं, लेकिन इस फैसले से हम बेहद दुखी हैं. लेकिन हमारी लड़ाई यहीं खत्म नहीं हो जाती. यह लड़ाई अभी जारी रहेगी.

केंद्र सरकार की यह दलील
स्वामी से पहले केंद्र सरकार भी रिहाई के लिए मना कर चुकी है. केंद्र सरकार ने कोर्ट से अपील की है कि उस अपराधी की रिहाई टाल दी जाए. केंद्र का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसे रिहा किए जाने से समाज को खतरा है.

मां भी कर चुकी है मना
निर्भया की मां भी अपील कर चुकी है कि उस अपराधी की रिहाई न की जाए. वह 20 साल का हो चुका है और जुवेनाइल सेंटर से 20 दिसबंर को उसकी रिहाई होनी है. सूत्रों के मुताबिक उसकी रिहाई से पहले शनिवार को निर्भया के माता-पिता भी दिल्ली पहुंच रहे हैं.

दिल्ली सरकार के पास है प्लान
यदि इस नाबालिग अपराधी की रिहाई होती है तो दिल्ली सरकार के पास वैकल्पिक प्लान भी है. महिला और बाल कल्याण विभाग ने उसे सिलाई मशीन और 10 रुपये देने की योजना बनाई है, ताकि वह सिलाई का काम कर अपना गुजारा कर सके.

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