scorecardresearch
 

MP: धार मॉब लिंचिंग मामले में टीआई, 5 अन्य पुलिसकर्मी निलंबित

इस मॉब लिंचिंग की घटना के बाद गुरुवार को सरकार के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने इंदौर में भर्ती घायलों से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि घायलों के इलाज का पूरा खर्चा सरकार की तरफ से उठाया जाएगा.

X
घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है
घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है

  • घटना की जांच के लिए एसआईटी का किया गया गठन
  • सब-इंस्पेक्टर, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और 3 कांस्टेबल निलंबित

धार जिले में मॉब लिंचिंग के दौरान एक व्यक्ति के मौत के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में फिर तूफान मच गया है. इस बीच मॉब लिंचिंग की घटना के बाद मनावर थाने के टीआई समेत 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

'आजतक' से बात करते हुए धार एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि घटना में लापरवाही बरतने वाले मनावर थाने के टीआई, एक सब-इंस्पेक्टर, एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर समेत 3 कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है. इसके अलावा घटना में शामिल लोगों में से तीन को देर रात गिरफ्तार भी कर लिया गया है.

ये पढ़ें-पति देख रहा था एडल्ट फिल्म, वीडियो में पत्नी को देख उड़ गए होश

इस मॉब लिंचिंग की घटना के बाद गुरुवार को सरकार के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने इंदौर में भर्ती घायलों से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि घायलों के इलाज का पूरा खर्चा सरकार की तरफ से उठाया जाएगा. इसी दौरान उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों को सरकार की तरफ से 2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा.

बीजेपी ने बताया जंगलराज

वहीं मॉब लिंचिंग की इस घटना के बाद से बीजेपी कमलनाथ सरकार पर हमलावर है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है, 'यह अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. कानून और व्यवस्था प्रदेश में पूर्णतः ध्वस्त हो चुकी है. कानून का डर बिल्कुल समाप्त हो गया है. जंगलराज इसे ही कहते हैं. इस पूरी घटना की गहन जांच होनी चाहिये और इसके पीछे जो ज़िम्मेदार अपराधी है, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिये.

आगे उन्होंने कहा, 'कमलनाथ सरकार ने मध्यप्रदेश को तालिबानी प्रदेश बना दिया है. धार में लोगों को पीट-पीटकर मार दिया गया. दलित जिंदा जलाए जा रहे हैं. तालिबानी तरीके से हत्याएं हो रही हैं और सरकार आईफा अवार्ड करवाने में व्यस्त है. ऐसी घटनाओं को रोकना सरकार की जिम्मेदारी है.'

ये ज़रूर पढ़ेंः साधु बना शैतानः सत्संग के बहाने हवस का खेल, कराता था जिस्मफरोशी

वहीं नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा है, 'धार की मॉब लिंचिंग घटना समाज को शर्मसार करती है. कमलनाथ सरकार की नाकामी के कारण ऐसी घटनाएं हो रही है. यह गंभीर घटना है. विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस सरकार को जवाब देना होगा. बीजेपी प्रमुखता से स्थगन सूचना के माध्यम से इस मामले को उठाएंगी.'

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें