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जानिए, भारत बंद के दौरान मारे गए 8 लोग कौन थे, और कैसे हुए हिंसा का शिकार

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद व्यापक आक्रोश है. इसमें भारत सरकार पार्टी नहीं है. SC-ST को संविधान में जो अधिकार दिए गए हैं उस पर सरकार कटिबद्ध है. आरक्षण को लेकर जो अफवाह फैलाई जा रही है वह ठीक नहीं है.

हिंसा में 8 की मौत. हिंसा में 8 की मौत.

एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में सोमवार को भारत बंद के दौरान 8 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में कुछ प्रदर्शनकारी थे तो किसी की हत्या आपसी रंजिश में किए जाने की बात सामने आई है. मरने वालों में सबसे ज्यादा दलित समुदाय के लोग हैं. इन सभी की मौत गोली लगने की वजह से हुई है. लोकसभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बयान जारी कर कहा कि भारत बंद के दौरान 8 लोगों की मौत हुई.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद व्यापक आक्रोश है. इसमें भारत सरकार पार्टी नहीं है. SC-ST को संविधान में जो अधिकार दिए गए हैं उस पर सरकार कटिबद्ध है. आरक्षण को लेकर जो अफवाह फैलाई जा रही है वह ठीक नहीं है.

हिंसा में इन लोगों की हुई मौत...

मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 6 लोगों की मौत हुई. ग्वालियर, भिंड और मुरैना में अब भी तनाव है. फिलहाल यहां कर्फ्यू लगा है.

ग्वालियर:

ग्वालियर के मुरार इलाके के कुम्हरपुरा में सोमवार सुबह हिंसा की शुरूआत हुई. यहां भीम नगर के रहने वाले राकेश जाटव को कुछ युवकों ने सीने पर गोली मार दी. राकेश की लाश सड़क पर पड़ी थी उसके परिजन विलाप कर रहे थे. इसके बावजूद उपद्रवी आमने-सामने से पथराव कर रहे थे.

वहीं, इस इलाके में रहने वाले 22 साल के दीपक जाटव ने भी हिंसा में जान गंवा दी. बताया जा रहा है कि वह भी रैली में शामिल हुआ था.

मुरैना:

हिंसा के दौरान मुरैना में राहुल पाठक नाम के शख्स की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि राहुल की मौत के बाद ही मुरैना में हिंसा भड़की. मृतक युवक के परिजन ने बताया कि राहुल पीजी कॉलेज में एबीवीपी नेता और छात्र संघ सचिव था. कुछ दिन पहले तीन युवकों से क्रिकेट खेलने को लेकर उसका झगड़ा हुआ था. परिजनों का आरोप है कि रामू गुर्जर ने आपसी रंजिश के चलते राहुल को गोली मारी. इस मामले में अफवाह यह उड़ी कि उपद्रवियों ने सवर्ण जाति के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद हिंसा भड़क उठी.

भिंड:

भिंड के मछंड कस्बे में उपद्रवियों ने भगवानसिंह की फल की दुकान में तोड़फोड़ करने के बाद इन पर धावा बोल दिया. जब

यह लोग पुलिस चौकी की ओर भागे तब गोली चला दी गई, जिसमें महावीर सिंह की मौत हो गई. मृतक के भाई बलदेव सिंह ने कहा कि पुलिस ने सामने से गोलियां चलाई, जिससे उनकी मौत हुई. इसके बाद भीड़ ओर उग्र हो गई.

भिंड के मेहगांव में सुबह-सुबह सड़क पर उतरे लोगों ने बस और बाइकों में आग लगा दी. इसके बाद पुलिस पर पथराव कर थाना घेरने का प्रयास किया. उपद्रवियों द्वारा फायरिंग की गई तब पुलिस द्वारा गोली चलाई गई. इसमें पांच लोग घायल हए.

इसमें आकाश गर्ग और प्रदीप ने ग्वालियर के अस्पताल में दम तोड़ दिया.

डबरा:

डबरा में प्रदर्शन के दौरान विमल प्रकाश राजौरिया की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि सुबह कुछ प्रदर्शनकारियों ने थाने को घेर लिया और आग लगाना चाहते थे. इस बीच पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी. इससे विमल राजौरिया की मौत हो गई.

राजस्थान:

राजस्थान के कई शहरों में हिंसा फैली. इसमें अलवर के रहने वाले पवन कुमार जाटव (27) की मौत हो गई. उसके पिता जल्लाराम जाटव ने बताया कि उनका बेटा अपने साले से मिलने गया था. उन्हें नहीं पता था कि वह रैली में भी शामिल होगा और उसे गोली लग जाएगी. बताया जा रहा है कि पवन लेक्चरर बनना चाहता था, उसकी कुछ समय पहले ही शादी हुई थी.

वहीं, जोधपुर में बंद के दौरान मोर्चा संभालने गए सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह चौधरी को दिल का दौरा पड़ा. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है.

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