महाराष्ट्र के औरंगाबाद में शुक्रवार की रात दो समुदायों के बीच भड़की हिंसा के बाद इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है. औरंगाबाद के कुछ हिस्सों में शनिवार की सुबह से ही धारा 144 लागू है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.
महाराष्ट्र के गृह मंत्री रंजीत पाटिल ने बताया कि औरंगाबाद हिंसा की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है. इससे पहले पुलिस ने मामले में अब तक तीन FIR दर्ज किए हैं.
औरंगाबाद के कमिश्नर का प्रभार संभाल रहे स्पेशल IG मिलिंद भरांबे ने बताया कि हिंसा में शामिल दोनों समुदाय के कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. पूछताछ के बाद हिंसा में उनकी संलिप्तता पाई जाती है तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि औरंगाबाद में अब माहौल शांतिपूर्ण है और हालात पर काबू पा लिया गया है. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए शहर में पुलिस बल के अलावा SRPF की सात कंपनियां और RAF की एक कंपनी तैनात की गई है.
गौरतलब है कि नगर निगम द्वारा अवैध पानी का कनेक्शन काटे जाने को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए. दोनों समुदायों के बीच तनाव इतना बढ़ा कि हिंसा भड़क उठी. शुक्रवार की पूरी रात उपद्रवियों ने जमकर हिंसा की. दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की और जमकर आगजनी की.
: Early morning from Aurangabad, where clash had erupted b/w groups of two communities on Friday night. Section 144 (prohibits assembly of more than 4 people in an area) imposed in the city, Locals say, 'the situation is peaceful right now, police deployed.'
— ANI (@ANI)
यहां तक कि हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को गोलियां चलानी पड़ी, जिससे दो व्यक्तियों की मौत हो गई. मृतकों में एक 17 वर्षीय युवक और 65 वर्षीय बुजुर्ग शामिल हैं. हिंसक झड़प में 16 पुलिसकर्मियों सहित 50 के करीब लोग घायल हुए.
इस तरह भड़की थी हिंसा
दरअसल औरंगाबाद में दोनों समुदायों के बीच तनाव का माहौल गुरुवार से ही बनने लगा था. औरंगाबाद महानगर पालिका ने गुरुवार से पानी के अवैध कनेक्शन काटने का अभियान शुरू किया था. गुरुवार को औरंगाबाद के मोती कारंजा इलाके में नगर निगम ने अवैध पानी के कनेक्शन काटे.
लेकिन नगर निगम द्वारा पानी का कनेक्शन काटे जाने को लेकर एक समुदाय भड़क उठा और नगर निगम पर आरोप लगाए कि उसने उसी समुदाय विशेष के लोगों के पानी कनेक्शन काटे हैं, जबकि दूसरे समुदाय के अवैध पानी के कनेक्शन नहीं काटे गए. इसी बात को लेकर दोनों समुदायों के बीच तनाव की स्थिति पनपी. शुक्रवार की दोपहर से ही तनाव का माहौल बनने लगा था, जो रात होते-होते हिंसा में बदल गई.