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दिल्ली: शिकंजे में आया 'लिफाफा' गैंग, पुलिस ने तीन लुटेरों को दबोचा

दिल्ली पुलिस ने लिफाफा गैंग के बदमाशों को गिरफ्तार किया है. यह गैंग खुद को बैंक का सिक्योरिटी अधिकारी बताकर और पुलिस का डर दिखाकर राहगीरों को लूटता था. जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक मौके से फरार हो जाते था. 

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3 लोग गिरफ्तार 3 लोग गिरफ्तार

राजधानी दिल्ली में तीन महीने के अंदर 50 से ज्यादा लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले लिफाफा गैंग के 3 सदस्य को साकेत पुलिस ने गिरफ्तार किया है. यह गैंग खुद को बैंक का सिक्योरिटी अधिकारी बताकर और पुलिस का डर दिखाकर राहगीरों को लूटता था. जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक मौके से फरार हो जाता था.  

पुलिस के मुताबिक यह शातिर लूटेरे लिफाफा गैंग के सदस्य हैं. गिरफ्तार आरोपी गाजियाबाद के रहने वाले हैं. डीसीपी साउथ विजय कुमार ने बताया कि मऊ का रहने वाला राम विलास सैनी नाम का एक शख्स 7 फरवरी को दिल्ली आया. उन्हें हंसलोक आश्रम भाटी माइंस जाना था. इसके लिए वह तड़के पांच बजे लाडो सराय स्टैंड पर बस के इंतजार में खड़े थे. उनके पास तभी दो अन्य लोग भी आ गए और कुछ देर बाद एक सफेद रंग की कार आकर रुकी.

दोनों शख्स आश्रम जाने की बात कहकर उस गाड़ी में बैठ गए. उन्होंने राम विलास को बताया गया कि गाड़ी आश्रम ही जा रही है. इसके बाद वो भी उसी कार में बैठ गए. कुछ दूर चलने के बाद दोनों में से एक शख्स ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और अपना पहचान पत्र भी दिखाया. उसके बाद दो रुपये मांगकर एक पीले रंग का लिफाफा पकड़ा दिया. उससे कहा गया कि अपना कीमती सारा सामान इस लिफाफे में रख दे.

कुछ गड़बड़ी का संदेह होने पर पीड़ित राम विलास ने गाड़ी रुकवाने की मांग की लेकिन काम में सवार दोनों बदमाशों ने सारा सामान लूट लिया. इसके बाद रास्ते में गाड़ी रुकवाकर उनके एटीएम से बीस हजार रुपये निकलवाए और फिर उसे एंड्रयूज गंज के पास छोड़ दिया. इस घटना के मामले में साकेत थाने में केस दर्ज किया गया. जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई और शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

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