scorecardresearch
 

जानिए आर्म्स एक्ट में कैसे फंसे थे सलमान खान

बॉलीवुड अभि‍नेता सलमान खान को बड़ी राहत देते हुए जोधपुर की सेशन कोर्ट ने उन्हें आर्म्स एक्ट के मामले में बरी दिया है. इस केस में 12 आरोपी थे, जिनमें से 11 को पहले ही बरी किया जा चुका है. सलमान की बहन अलवीरा अग्न‍िहोत्री उनके वकील के साथ जोधपुर पहुंची थीं. जानिए क्या था यह पूरा मामला?

X
बॉलीवुड अभि‍नेता सलमान खान बॉलीवुड अभि‍नेता सलमान खान

बॉलीवुड अभि‍नेता सलमान खान को बड़ी राहत देते हुए जोधपुर की सेशन कोर्ट ने उन्हें आर्म्स एक्ट के मामले में बरी दिया है. इस केस में 12 आरोपी थे, जिनमें से 11 को पहले ही बरी किया जा चुका है. सलमान की बहन अलवीरा अग्न‍िहोत्री उनके वकील के साथ जोधपुर पहुंची थीं. जानिए क्या है पूरा मामला?

- बात साल 1998 की है. राजस्थान के जोधपुर में फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग हो रही थी. इस फिल्म में बॉलीवुड अभि‍नेता सलमान खान, सैफ अली खान, अभिनेत्री तब्बू और नीलम ने काम किया था. शूटिंग के दौरान सलमान सहित चारों एक्टर जोधपुर के जंगल में दो काले हिरण और दो चिंकारा का शिकार करने को लेकर विवादों में घिर गए.

- जानवरों के शिकार के आरोप में उनके ऊपर केस दर्ज कराया गया था. 2002 में इस केस के खिलाफ चार्जशीट दर्ज की गई. तहकीकात के दौरान सलमान खान के पास से एक बंदूक और पिस्टल मिली, जिसका लाइसेंस राजस्थान के लिए मान्य नहीं था. आरोपियों ने इसके बाद सेशन कोर्ट में पुनरीक्षा याचिका दायर की थी.

- सलमान खान के उपर इस मामले में आईपीसी की धारा 148, शस्त्र कानून की धारा 27 और अन्य आरोपियों को वन्यजीवन कानून की धारा 51 और आईपीसी की धारा 147 और 149 के तहत केस दर्ज किया गया था. इस मामले में सलमान को पहली बार 17 फरवरी 2006 को जोधपुर की निचली अदालत से एक साल की सजा हुई थी.

- काले हिरण के शि‍कार मामले में 10 अप्रैल 2006 को सलमान को पांच साल की सजा हुई. यह मामला जोधपुर के मथानिया के पास घोड़ा फार्म में 28-29 सितंबर 1998 की रात का है. लेकिन बाद में जोधपुर हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई. घोड़ा फार्म हाउस शिकार मामले में सलमान को 10 से 15 अप्रैल 2006 तक 6 दिन जेल में रहना पड़ा था.

- सेशन कोर्ट द्वारा इस सजा की पुष्टि करने पर सलमान को 26 से 31 अगस्त 2007 तक जेल में रहना पड़ा था. तीसरा केस कंकाणी गांव में 1-2 अक्टूबर 1998 की रात दो काले हिरणों के शिकार का है. ये केस आर्म केस में एडिशनल चार्ज फ्रेम होने की वजह से जुलाई 2012 तक पेंडिंग रहा था और अब यह सेशन कोर्ट में चल रहा था.

- इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण गवाह हरीश दुलानी हैं, जो शिकार के समय सलमान की जिप्सी चला रहे थे. हालांकि, वो सलमान के खिलाफ गवाही देने के बाद में वह पलट गए थे.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें