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शामली पुलिस की जनता से अपील, 'बच्चा चोर' के शोर पर न खोएं अपना आपा

लगातार कुछ जिलों से कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें बच्चा-चोरी की अफवाहों को सुनकर लोगों ने अपना आपा खो दिया. जिसपर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए लोगों से अपील की है कि ऐसे कोई भी मामला सामने आने पर अपना आपा ना खोएं और पुलिस से संपर्क करें.

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बच्चा-चोरी की अफवाहों पर पुलिस (फोटो-प्रतीकात्मक तस्वीर)
बच्चा-चोरी की अफवाहों पर पुलिस (फोटो-प्रतीकात्मक तस्वीर)

पिछले 2-4 दिनों से कुछ शरारती तत्व यह अफवाह फैला रहे हैं कि 'बच्चों की चोरी करने वाला गैंग' सक्रिय हो गया है. वहीं इस पर शामली पुलिस लोगों को आगाह करते हुए ये सूचना जारी की है कि ये सारी अफवाह फर्जी, बेबुनियाद हैं. जांच में ये सारी केवल अफवाह पाई गईं हैं. साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जब भी अपको कभी  बच्चा चोरी की सूचना मिले या 'बच्चा चोर' का शोर सुनाई पड़े तो आप लोग तुंरत 100 नंबर डायल करके पुलिस को सूचना दें.

हाल के ही दिनों में कुछ जिलों से 1-2 ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें बच्चा-चोरी की अफवाहों को सुनकर लोगों ने अपना आपा खो दिया. भीड़ ने किसी अजनबी या फिर किसी निर्दोष आदमी को बच्चा-चोर मान कर लोगों ने उसे पीट-पीट कर घायल कर दिया. बाद में जब पुलिस आई तो उसे मजबूर होकर पूरी की पूरी भीड़ के खिलाफ भारतीय दंड विधान की गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखना पड़ा.

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ऐसी ही एक घटना थाना साइट 5 क्षेत्र में देखने को मिली जहां एक गलतसहमी के चलते नाराज लोगों की भीड़ जमा हो गई. रविवार दोपहर करीब 12: 45 पर पुलिस को एक सूचना मिली की 6 साल के बच्चे को एक पल्सर मोटर साइकिल पर सवार एक पुरुष व एक महिला बच्चे का अपहरण कर के ले गए हैं. जिसपर भीड़ एकत्रित होने लगी और बच्चा चोरी के गैंग और अन्य तरह की बातें कही जाने लगी. इस सूचना पर थाना साइट 5 पर पहुंचकर पुलिस ने तत्काल कार्यवाही की.

जानकारी के मुताबिक उक्त बच्चे की मां घरबरा रोड पर एक क्लीनिक में दवाई लेने आयी थी और उसका बच्चा क्लीनिक के किनारे खड़ा था. तभी उसके पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग उधर से मोटर साइकिल से गुजर रहे थे. उन्होंने उस बच्चे से पूछा की घर चलना है तो वह बच्चा खुद ही मोटर साइकिल पर आगे बैठ गया और वे उसे लेकर घर चले गए. इसकी  पुष्टि अस्पताल में आई दो महिलाओं ने की.

इसके बाद पुलिस ने उत्तेजित एकत्रित भीड़ को समझाया गया और जांच की तथा एक टीम को महिला के घर पर भेजकर जांच कराई.  तो पता चला कि बच्चा घर पर अपने पिता के पास सकुशल है. जांच में पता चला कि जो पड़ोसी उस बच्चे को ले गए थे उन लोगों ने उस महिला को उस समय नहीं बताया कि वे बच्चे को लेकर जा रहे हैं बल्कि घर जाकर फोन करके बताया कि वे बच्चे को घर ले आये हैं. यही नहीं पिता ने भी अपनी पत्नी को तत्काल नहीं बताया कि बच्चा घर पर आ गया है.

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