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गुजरात: देश में पहली बार गोवंश की हत्या पर 10 साल की सजा, 1 लाख का जुर्माना

इसी साल जनवरी में सत्तार कोलिया नाम के व्यक्ति ने इस मामले में शिकायत करते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उसने सलीम पर बछड़ा चुराने और उसकी हत्या करके अपनी बेटी की शादी में परोसने का आरोप लगाया था.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो- इंडिया टुडे आर्काइव) प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो- इंडिया टुडे आर्काइव)

गुजरात से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां कोर्ट ने गाय के बछड़े को मारने की सजा सुनाई है. दरअसल, राजकोट जिले की एक अदालत ने गाय के एक बछड़े को मारने के दोषी को 10 साल की सजा सुनाई साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

बछड़े को मारकर शादी समारोह में परोसने का आरोप

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश एचके दवे ने शनिवार को सलीम मकरानी नाम के एक शख्स को गुजरात पशु संरक्षण (संधोधन) अधिनियम 2017 के तहत यह सजा सुनाई. बता दें कि इसी साल जनवरी में सत्तार कोलिया नाम के व्यक्ति ने इस मामले में शिकायत करते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उसने सलीम पर बछड़ा चुराने और उसकी हत्या करके अपनी बेटी की शादी में परोसने का आरोप लगाया था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सलीम को दोषी ठहराये जाने और सजा सुनाने से पहले नए संशोधित अधिनियम के तहत गवाहों और फोरेंसिक रिपोर्ट पर विचार किया गया. अधिकारियों ने कहा कि नए संशोधित अधिनियम के तहत यह पहली सजा हो सकती है.

नए संशोधित अधिनियम में गोमांस के परिवहन, बिक्री और रख-रखाव के लिए सात से 10 साल जेल की सजा का प्रावधान है. हालांकि पहले ऐसे मामलों में अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान था.

संशोधित अधिनियम के मुताबिक गोमांस के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों को स्थायी रूप से जब्त किया जा सकता है.

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