प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को न्यायमूर्ति जे.एस. वर्मा को पत्र लिख कर धन्यवाद दिया और पत्र में उन्हें इस बात का आश्वासन दिया है कि सरकार उनकी अनुसंशाओं पर ध्यान देने में तत्परता बरतेगी.
महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामलों पर सिफारिश के लिए बनी समिति के न्यायमूर्ति वर्मा अध्यक्ष थे. न्यायमूर्ति वर्मा, न्यायमूर्ति लीला सेठ और मशहूर वकील गोपाल सुब्रह्मण्यम की तीन सदस्यीय समिति को भेजे गए धन्यवाद पत्र में मनमोहन सिंह कहा है, 'समिति ने 30 दिनों के अल्प समय में अपनी रिपोर्ट सौंप दी. यह सार्वजनिक बेहतरी के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और चिंता का सबूत है.'
उन्होंने आगे लिखा है, 'मैं महिलाओं के खिलाफ घृणित प्रकृति के होने वाले यौन हमलों से संबंधित मामलों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए कानून में संशोधन का सुझाव देने के लिए गठित समिति का काम पूरा करने में जो मेहनत आपने की है उसके लिए आपको धन्यवाद देता हूं.'
प्रधानमंत्री ने समिति को उसकी सिफारिशों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 16 दिसम्बर को चलती बस में फीजियोथेरेपिस्ट की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद वर्मा समिति का गठन किया गया था.