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बीमारी के खर्च से था परेशान, साथियों के साथ लूट ली ज्वैलरी की दुकान

बीते 14 नवंबर को गाजियाबाद में ज्वैलरी की दुकान में हुई लूट का पुलिस ने खुलासा किया है. इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. 

प्रेस कॉन्फ्रेंस करते मेरठ जोन के एडीजी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते मेरठ जोन के एडीजी

गाजियाबाद की ज्वैलरी की दुकान में 2 करोड़ की लूट का खुलासा हो गया है. इस लूट को एक खास बीमारी से ग्रस्त युवक ने अपने तीन साथियों को अंजाम दिया था. लूट में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, पुलिस लूट की माल की खरीदारी करने वाले दुकानदार समेत एक और आरोपी की तलाश में लग गई है.

बता दें, साहिबाबाद थाना क्षेत्र के श्याम पार्क के प्रेम श्री ज्वैलर्स में 14 नवंबर को लूट हुई थी, जिसमें से करीब 2 करोड़ रुपए के गहने की लूट का आरोप था. क्राइम ब्रांच से लेकर मेरठ तक की टीमें इस घटना का खुलासा करने में लगी थी. और आखिरकार पुलिस को एक सुराग मिला, जो पुलिस के लिए कड़ी बन गया. दिल्ली में लूट के माल का एक सुनार के यहां पर सौदा हुआ, जिसके बाद पता चल गया कि यह वही सोना चांदी और डायमंड बेचा जा रहा है जो लूटा गया था. बस इसके बाद पुलिस ज्वेलरी शॉप के पास पॉश इलाके में रहने वाले और आरुष तक पहुंच गई और उसके तीन साथी को पकड़ लिया. पूछताछ में पता चला कि आयुष को एक खास तरह की बीमारी है जिसके चलते उसने यह पूरी लूट अंजाम दी थी.

एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने बताया कि आरोपी ने यह पूरा प्लान बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दिया. बताया जा रहा है कि आरुष की मुलाकात जेल में मनोज नाम के युवक से हुई थी और उस पहले से वह रावलपिंडी ज्वैलरी के लूट के मामले में जेल में बंद था. जेल में उसकी मुलाकात जो मनोज से हुई तो मनोज ने अपने तीन अन्य साथियों ने मिलकर लूट का यह पूरा प्लान तैयार किया. आरुष अपने अय्याशी के खर्चे के लिए बहुत परेशान था, क्योंकि उसकी मां भी उसे बेदखल कर चुकी थी और अपनी बीमारी पर भी को काफी खर्च कर रहा था, लेकिन जब परेशान हो गया था तो उसने बड़ी लूट की योजना बनाई.

जैसे ही दिवाली के आसपास ही पूरा गैंग जेल से बाहर आया वैसे ही प्रेम श्री ज्वैलर्स के यहां पर लूट की गई. इससे पहले पूरा नक्शा तैयार किया गया था. इलाका कैसा है. इसकी जिम्मेदारी एक को दी गई थी. दूसरे को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि एक महीने तक कोई भी फोन इस्तेमाल नहीं करेगा, इसलिए पूरी टीम ने पूरे एक महीने तक और मौके पर पहुंचने के बाद भी कोई फोन इस्तेमाल नहीं किया. इनको पता था कि इलाके में लगे हुए ज्यादातर सीसीटीवी खराब है, लेकिन फिर भी एक सीसीटीवी में इनकी तस्वीरें कैद हो गई थी, जिससे यह काफी परेशान हो गए थे, इसलिए काफी दिनों तक इन्होंने माल बेचने की भी कोशिश नहीं की. पुलिस का कहना है कि जिस ज्वैलर को यह माल बेच रहे थे उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इनका एक साथी भी फरार है, जिसे जल्द पुलिस पकड़ लेगी.

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