दिल्ली के साउथ कैंपस थाने में वियतनाम एंबेसी के डिप्लोमेट के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में FIR दर्ज की गई है. आरोप है कि वह नशे की हालत में कार चला रहे थे. आनंद निकेतन में उनकी कार की टक्कर से एक कार सवार महिला बाल-बाल बचीं थी. इसके बाद सोसायटी के लोगों ने डिप्लोमेट की कार को घेर लिया.
जानकारी के मुताबिक, डिप्लोमेट नशे में इतने चूर थे कि उनसे बोला नहीं जा रहा था. विरोध में काफी लोग जमा हो गए. लोगों का कहना था कि डिप्लोमेट की मनमानी के कारण कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था. सोसायटी के बुजुर्ग और बच्चे उनकी कार की चपेट में आ सकते थे. इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई थी.
डिप्लोमेट ने विशेषाधिकारों का हवाला देकर मेडिकल जांच कराने से इंकार कर दिया. इसके बाद यह मामला आलाधिकारियों तक पहुंचा. आखिरकार डिप्लोमेट के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 के तहत लापरवाही से कार चलाने का मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले की जांच कर रही है.
सूत्रों ने बताया कि बतौर डिप्लोमेट आरोपी को न तो गिरफ्तार किया जा सकता था, न ही उनकी कार जब्त हो सकती थी और न ही उनकी इच्छा के खिलाफ मेडिकल जांच करवाई जा सकती थी. इसलिए शिकायतकर्ता के बयान के बिनाह पर लापरवाही से वाहन चलाने का किया है.
शिकायतकर्ता ने बयान दिया है कि कार डिप्लोमेट ही चला रहे थे. वह नशे में धुत थे. आरोपी डिप्लोमेट का नाम गुएन यूई नाह है. वह एंबेसी में फर्स्ट सेक्रटरी हैं. घटना 12 तारीख की शाम करीब 6 बजे घटी. इसमें आनंद निकेतन में रहने वाली आरती गुप्ता आरोपी की हुंडई क्रेटा कार से बाल-बाल बचीं.