कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लॉकडाउन लागू है. जिसका सीधा असर गरीब और मजदूरों के रोजगार समेत पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ा. ऐसे में कई लोगों ने गरीबों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए. लेकिन इसमें कुछ लोग ऐसे भी निकलने जिन्होंने सिर्फ सोशल मीडिया और समाज में अपना कद ऊंचा रखने के लिए दान देने का ड्रामा किया. उत्तर प्रदेश के मथुरा में कुछ ऐसा ही फर्जीवाड़ा सामने आया है. जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान रह गया.
डीएम को भेज दी चेक की फोटो स्टेट कॉपी
भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में पीड़ितों की मदद करने को आगे आए कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटने के लिए फर्जीवाड़ा किया. जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने चेक की फोटो स्टेट कॉपी ही डीएम को भेज दी. प्रशासन ने ऐसे लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है और चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जिन्होंने लॉकडाउन में खुद के दानवीर होने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में लाखों रुपये दान देने का डंका बजाया और वाहवाही भी लूटी थी.
दान के नाम पर फर्जीवाड़ा
खाते में निकले सिर्फ 1925 रुपये
कई दलों में सत्ता का लाभ ले चुके एक शख्स ने तो डीएम को चेक की फोटो स्टेट कॉपी भेजी और साथ में पत्र भी भेजा कि वो सीएम राहत कोष में 2 लाख का चेक दे रहे हैं. यह चेक फरह निवासी दीपक गौड़ ने भेजा था. इन सभी मामलों की जांच में यह तथ्य सामने आया कि जो 2 लाख रुपये का चेक दिया गया था, उस खाते में सिर्फ 1925 रुपये ही निकले थे. वहींं कोसीकलां निवासी राजकुमार रावत ने भी एक लाख की मदद करते हुए अपना फोटो फेसबुक पर पोस्ट किया. इसी तरह महौली रोड निवासी विभोर गौतम ने भी एक लाख रुपये का चेक दिखाकर सोशल मीडिया पर हीरो बनने की कोशिश की थी. वह खाता भी बंद निकला.
एसडीएम द्वारा की गई थी जांच
एस.एस. पी गौरव ग्रोवर का कहना है कि कुछ लोगों के ने फर्जी तरीके से फंड में चेक दिये थे. जिनकी जांच एसडीएम द्वारा की गई थी. डीएम के आदेश पर इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. एस.एस.पी गौरव ग्रोवर का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा. यह मुकदमा मथुरा के थाना कोतवाली में दर्ज हुआ है.