देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि मैं अपने बयान पर कायम हूं. मैंने अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया है. मैंने अपने बयान को लेकर माफी भी नहीं मांगी है. मैंने सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी के वक्त गलत टाइमिंग को लेकर माफी मांगी है.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा मामला दर्ज करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज हो या मुझे गिरफ्तार किया जाए, मैं अपने बयान से पीछे नहीं हटूंगा. मैं अपने देश के संविधान और सेक्युलरिज्म के साथ हूं.
दरअसल, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि हिंदुस्तान में मुसलमानों के साथ हो रही कथित नाइंसाफी की शिकायत अगर वो लोग अरब देशों से कर देंगे, तो जलजला आ जाएगा. उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में कुवैत का शुक्रिया अदा किया था कि उन्होंने भारतीय मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार का संज्ञान लिया.
इसको लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 124A (देशद्रोह) और 153A (नफरत फैलाने) के तहत मामला दर्ज किया गया है. हालांकि, जफरुल इस्लाम खान ने अपने ट्वीट को लेकर माफी भी मांगी थी.
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क्या कहा था जफरुल इस्लाम खान ने
जफरुल इस्लाम खान ने कहा था कि 28 अप्रैल को मेरे ट्वीट में जिसमें मैंने कुवैत को भारतीय मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों पर संज्ञान लेने के लिए शुक्रिया कहा था, जो दिल्ली में भड़की हिंसा के संबंध में था, उससे कुछ लोग आहत हुए हैं. मेरा इरादा किसी को आहत करने का नहीं था.
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दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने कहा कि मुझे एहसास हुआ कि मैंने गलत समय पर ट्वीट किया. हिंदुस्तान मेडिकल इमरजेंसी का सामना कर रहा है और अज्ञात दुश्मन सामने है. मैं सभी लोगों से माफी मांगता हूं, जिन्हें ठेस पहुंची है.