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बंद कमरे में कट जाती है चोटी, रहस्यमयी साए से खौफ में लोग

करीब एक दशक पहले की बात है मंकी-मैन के हमलों ने लोगों को ख़ौफ से भर दिया था. अब एक बार फिर दिल्ली एनसीआर कुछ-कुछ वैसे ही ख़ौफ़ की गिरफ्त में हैं. इस बार वजह बना है- रहस्यमयी चोटी-चोर! जो घर में घुसकर रहस्यमयी तरीक़े से सोती महिलाओं की चोटियां काट डालता है. जहां ये वाकये हुए, वहां घरों के तमाम खिड़की-दरवाज़े बंद थे और घरवालों ने तो क्या, खुद महिलाओं ने भी किसी को वहां आते और जाते हुए नहीं देखा.

रहस्यमयी चोटी-चोर से खौफ में लोग रहस्यमयी चोटी-चोर से खौफ में लोग

करीब एक दशक पहले की बात है मंकी-मैन के हमलों ने लोगों को ख़ौफ से भर दिया था. अब एक बार फिर दिल्ली एनसीआर कुछ-कुछ वैसे ही ख़ौफ़ की गिरफ्त में हैं. इस बार वजह बना है- रहस्यमयी चोटी-चोर! जो घर में घुसकर रहस्यमयी तरीक़े से सोती महिलाओं की चोटियां काट डालता है. जहां ये वाकये हुए, वहां घरों के तमाम खिड़की-दरवाज़े बंद थे और घरवालों ने तो क्या, खुद महिलाओं ने भी किसी को वहां आते और जाते हुए नहीं देखा.

आख़िर ये मामला क्या है? आख़िर ये कौन सी शय है? आख़िर इन वारदातों के पीछे का रहस्य क्या है? कौन है जो महिलाओं को निशाना बना रहा है? कौन है जो उनकी चोटियां काट कर भाग रहा है? ये कटे हुए बाल और ये भांति-भांति की कहानियां दिल्ली एनसीआर की फ़िजा में एक अजीब सा ख़ौफ़ घोल रही हैं. लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि आख़िर ये माजरा क्या है. दिल्ली एनसीआर में पिछले दो दिनों में चार महिलाओं की चोटियां कट चुकी हैं.

जानकारी के मुताबिक, बीते दिन गुड़गांव में एक 13 साल की लड़की के चोटी काटने का मामला सामने आया. घटना के समय लड़की सोई हुई थी. सुबह परिजनों को कटी हुई चोटी मिली. वहीं मेवात से भी पिछले दो हफ्तों में ऐसी ही 15 घटनाएं सामने आई. इन घटनाओं से लोगों के बीच खौफ का माहोल पैदा हो गया है. गांव के लोग इन घटनाओं को भूत-प्रेत का असर बता रहे हैं. आजतक टीम रात 2 बजे दिल्ली के छावला स्थित कांगनहेड़ी गांव में पहुंची.

इस गांव की 70 फीसदी महिलाएं एमसीडी में सफाई कर्मचारी हैं. टीम जैसे ही गांव में दाखिल हुई तो वहां नजारा चौकाने वाला था. गांव के काफी लोग आधी रात के समय जागकर पहरेदारी कर रहे थे. गांव की हर गली, चौक पर लोग दिन की तरह खड़े थे. जब इस बारे में लोगों से पूछा गया तो उन्होंने कहा पूरे गांव में डर का माहौल है. जब पिछली घटनाएं दिन में हो सकती हैं, तो रात का और ज्यादा डर है. हम अपने घर और परिवार की रखवाली कर रहें हैं.

डर से बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है. गांव की महिलाएं खौफ में हैं, उन्हें हर पल चोटी काटने वाले भूत का डर सता रहा है. पहले कोई भी ऐसी घटना इस गांव में नहीं हुई. इसके बाद टीम ने पूरे गांव का दौरा किया. लोगों ने अपने दरवाजो पर नीम के पेड़ की डाल लगाई हुई है. जब इस बारे में पूछा गया तो लोगों ने बताया कि नीम के इस्तेमाल से भूत-प्रेत घर के अंदर नहीं घुसते हैं. पूरा गांव खौफ में तांत्रिक विद्या का सहारा ले रहा है.

गांव की महिलाएं अपनी पतियों के साथ ही बाहर दिखाई दे रही हैं. बच्चे रात के समय घर के दरवाजे तक नहीं आ रहे. ऐसे तो गांव के काफी लोग पढ़े लिखे हैं. लेकिन एक साथ तीन महिलाओं के साथ हुई ऐसी घटना ने उन्हें अन्धविश्वासी बना दिया है. लोगों के मुताबिक, तीन महिलाएं झूट नहीं बोल सकती. इसी बीच और इलाकों से आ रही ऐसी खबरों ने उनके विश्वास को पक्का कर दिया है. फिलहाल पुलिस भी इन मामलों की जांच कर रही है.

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