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फास्‍ट ट्रैक कोर्ट में गैंगरेप केस की सुनवाई

दिल्ली गैंगरेप केस की सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई शुरू होगी. महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की सुनवाई के लिए इस फास्ट ट्रैक का गठन किया गया था. इसी अदालत में सोमवार को गैंगरेप आरोपियों पर लगाए गए आरोपों पर सुनवाई की जाएगी.

दिल्ली गैंगरेप केस की सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई शुरू होगी. महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की सुनवाई के लिए इस फास्ट ट्रैक का गठन किया गया था. इसी अदालत में सोमवार को गैंगरेप आरोपियों पर लगाए गए आरोपों पर सुनवाई की जाएगी.

इस मामले ने पूरे भारत को हिला कर रख दिया था और देश में महिलाओं के साथ होने वाले व्यहवार पर बहस शुरू हो गई थी. इस मामले में अभियुक्तों पर अगर दोष साबित होता है, तो उन्हें फांसी की सज़ा हो सकती है.

एक अभियुक्त के वकील ने कहा है कि वो सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाकर इस मामले को दिल्ली से बाहर स्थानांतरित करने की अपील करेंगे. अभियुक्त राम सिंह के वकील वीके आनंद का कहना है कि इम मामले पर मीडिया का ध्यान केंद्रित है जिससे इस मामले की सुनवाई प्रभावित हो सकती है.

वीके आनंद ने कहा है कि हमें भरोसा है कि हमें दिल्ली में न्याय नहीं मिलेगा. इस मामले में बाकी अभियुक्तों में राम सिंह का भाई मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर शामिल हैं.

बलात्कार के बाद पीड़ित महिला के साथ जिस तरीके से बर्बर बर्ताव किया गया था, उसके बाद पूरे देश में प्रदर्शन शुरु हो गए थे. इन प्रदर्शनों के बाद सरकार ने भरोसा दिलाया था कि यौन उत्पीड़न क़ानूनों को और कड़ा किया जाएगा. सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि दिल्ली में छह फास्ट ट्रैक अदालतें शुरू की जाएंगी ताकि मामलों की जल्द सुनवाई हो सके.

पिछले हफ्ते ही अभियुक्तों के एक वकील ने कहा था कि अभियुक्तों के साथ बुरा बर्ताव किया गया और दबाव के तहत उनसे आरोप कबूल करवाए गए हैं. हालांकि अधिकारियों ने कानूनी बाध्यताओं की वजह से इन आरोपों पर कुछ कहने से इनकार कर दिया. पीड़ित लड़की फिज़ियोथैरेपी की छात्र थी और घटना के दिन 16 दिसंबर को अपने एक मित्र के साथ घर लौट रही थी.

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