झारखंड का जामताड़ा साइबर क्राइम में कुख्यात है. संथाल परगना क्षेत्र में स्थित ये जिला अतीत में भी अपराध के ऊंचे ग्राफ के लिए जाना जाता रहा है. पहले यहां वैगनों को लूटने और रेल यात्रियों को खाने में नशीले पदार्थ मिला कर लूटने जैसी घटनाएं बहुतायत में होती थीं. लेकिन डिजिटल क्रांति के बाद यहां, लोगों को ठगने के लिए अपराध के तरीकों में भी बदलाव आया है.
जहरखुरानी के जरिए रेल यात्रियों से लूट, वैगन तोड़ने जैसे अपराधों को पीछे छोड़ अब अपराधी तकनीक की मदद से लोगों की खून-पसीने की कमाई पर डाका डाल रहे हैं. इंटरनेट-साइबर तकनीक को साध कर ये साइबर अपराधी देश में कहीं भी बैठे व्यक्ति को झांसे में लेकर उसके बैंक अकाउंट से रकम साफ कर देते हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पत्नी और सांसद परणीत कौर के साथ हुई 23 लाख रु. की ठगी के बाद साइबर अपराध का जामताड़ा मॉड्यूल फिर सुर्खियों में आ गया है.
सात दिन पहले जामताड़ा से अताउल अंसारी ने खुद को स्टेट बैंक का मैनेजर बताते हुए परणीत कौर को फोन किया. फिर सैलरी ट्रांसफर के नाम पर धोखे से उनकी एटीएम जानकारी और ओटीपी नंबर जान लिया. इसके बाद तीन बार में परणीत कौर के अकाउंट से 23 लाख रुपए निकाल लिए गए. पंजाब पुलिस ने जामताड़ा के एसपी से संपर्क किया. अताउल अंसारी को करमाटाड़ गांव से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया. अब वो पंजाब पुलिस के रिमांड पर है.
करमाटाड़ गांव में अपराध का काला इतिहास रहा है. कुछ साल पहले तक यहां कुछ झोपड़ियां ही होती थीं. अब यहां कई बढ़िया पक्के मकानों के साथ इसे कस्बा कहा जा सकता है. पिछले छह साल में नारायणपुर और करमाटाड़ से साइबर अपराधियों ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब और अंडमान निकोबार तक के लोगों को ठगी का शिकार बनाया.
पुलिस रिपोर्ट बताती है कि जामताड़ा से साइबर ठगी की शुरुआत 2013 से हुई. तब से अब तक विभिन्न राज्यों की पुलिस ने जामताड़ा से 110 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. यहां के आंकड़े हैरान करने वाले लेकिन तथ्यों पर आधारित हैं. यहां 90 साइबर अपराधियों की पहचान हुई है, जिन्होंने आय के ज्ञात से स्रोत से कहीं ज्यादा संपत्ति जुटा रखी है. ये सभी प्रवर्तन निदेशालाय (ED) के राडार पर हैं.
हाल ही में दिल्ली पुलिस ने सीताराम मंडल को उठाया था. मंडल का नाम कथित तौर पर विख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन का खाता हैक कर 5 लाख रुपए उड़ाने के लिए सामने आया था. जामताड़ा से ही की गई साइबर ठगी से एक केंद्रीय मंत्री को 1.80 लाख का नुकसान हुआ. केरल के एक सांसद को 1.60 लाख का चूना लगाया. वहीं, यूपी के एक बीजेपी विधायक से 5000 रुपए की ठगी हुई. इन सब अपराधों के तार भी करमाटाड़ से ही जुड़े हुए थे.