अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के फैसले के बाद झारखंड सरकार ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अपने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है. खासकर जो जिले अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे हुए हैं वहां के डीसी और एसपी को सर्तक रहने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके अलावा सरकार ने राज्य में रह रहे कश्मीर के छात्र और झारखंड में रहने वाले लोगों को पूर्ण सुरक्षा देने का आदेश भी जारी किया है. झारखंड सरकार ने यह अलर्ट केंद्र सरकार के निर्देश के बाद जारी किया है.
जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह जारी करते हुए कहा था कि वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अधिकतम अलर्ट पर रखें.
यह आदेश सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और दिल्ली पुलिस के आयुक्त को भेजा गया है. इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अनुच्छेद 370 हटाने, और जम्मू और कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू और कश्मीर (विधानसभा के साथ)और लद्दाख को (विधानसभा के बिना) में बांटने का फैसला किया था.
आदेश के मुताबिक, यह सुनिश्चित करने के अपेक्षित उपाय किए जा सकते हैं कि देश के सभी हिस्सों में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सके.
इस आदेश में जोर दिया गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में जम्मू और कश्मीर के नागरिकों और खासतौर से छात्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह भी कहा गया कि अपने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से सोशल मीडिया पर झूठे, असत्यापित समाचारों, अफवाहों और झूठे संदेशों के प्रसार के खिलाफ सतर्कता बनाए रखें.