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कोरोना वायरस का कहर, गाजियाबाद की डासना जेल से परोल पर छूटे 89 कैदी

कोरोना के संकट को देखते हुए गाजियाबाद की डासना जेल से आज 89 बंदियों को रिहा किया गया. इसमें एक महिला भी शामिल है.

डासना जेल से निकले कैदी (प्रतीकात्मक फोटो) डासना जेल से निकले कैदी (प्रतीकात्मक फोटो)

  • गाजियाबाद की डासना जेल से रिहा हुए 89 कैदी
  • कोरोना के कारण कैदियों को परोल पर किया गया रिहा

देशभर में कोरोना वायरस का खौफ मंडराया हुआ है. इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश को लॉकडाउन किया गया है. वहीं, सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला लिया है कि जो बंदी अंडर ट्रायल के चलते पिछले काफी समय से जेल में बंद हैं उन्हें 2 महीने की परोल पर रिहा किया जाए.

इसके तहत गाजियाबाद की डासना जेल से सोमवार को 89 बंदियों को रिहा किया गया. इसमें एक महिला भी शामिल है. रिहा होने वाले बंदियों ने बताया कि उन्हें कोरोना वायरस के कारण 2 महीने की परोल पर छोड़ा जा रहा है. इतना ही नहीं सरकार इन सभी बंदियों को उनके घर तक पहुंचाएगी.

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जेलों में बंदियों की संख्या में कमी लाने का यह फैसला सोशल डिस्टेंस और जेल में कोरोना से बचाव के लिए लिया गया है. जेल से घर जा रहे बंदियों से आजतक ने बात की. लंबे समय तक जेल की सलाखों के पीछे गुजार चुके ये कैदी सरकार के इस फैसले से बेहद खुश हैं. उनके मुताबिक, लंबे समय बाद वे अपने परिवार के साथ रह पाएंगे.

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वहीं, 2 महीने की रिहाई पर छूटे कुछ कैदियों का कहना है कि उनसे कुछ गलती हुई जिसके चलते उन्हें जेल में रहना पड़ा. अब अपने साथियों को भी ये मैसेज देना चाहते हैं कि कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे जेल जाना पड़े.

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