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IPS अमिताभ ठाकुर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत खारिज

सीजेएम कोर्ट ने नागरिक सुरक्षा विभाग में कार्यरत एक महिलाकर्मी द्वारा आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर सहित नागरिक सुरक्षा विभाग के अन्य कर्मियों के विरुद्ध कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न किए जाने की दायर शिकायत खारिज कर दी है.

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर

उत्तर प्रदेश की राजधानी के सीजेएम कोर्ट ने नागरिक सुरक्षा विभाग में कार्यरत एक महिलाकर्मी द्वारा आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर सहित नागरिक सुरक्षा विभाग के अन्य कर्मियों के विरुद्ध कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न किए जाने की दायर शिकायत खारिज कर दी है.

महिलाकर्मी ने आरोप लगाया था कि अमिताभ ने उनके साथ लैंगिक संबंध बनाने का दबाव बनाया और ऐसा नहीं होने पर उन्हें सेवा संबंधी मामलों में विभिन्न प्रकार से प्रताड़ित किया. सीजेएम संध्या श्रीवास्तव ने अपने आदेश में कहा कि परिवादिनी का मुख्य आरोप विभागीय मामलों को लेकर है.

जहां तक लैंगिक उत्पीड़न का आरोप है, वह अपने आप में आधारहीन प्रतीत होता है. कोर्ट ने कहा कि परिवादिनी और साक्षियों के बयान तमाम अभिलेखों से स्पष्ट है कि उनके द्वारा विभागीय कार्रवाई से क्षुब्ध होकर यह परिवाद दायर किया गया है. इसलिए उन्होंने कोई आधार न देख परिवाद निरस्त कर दिया.

बताते चलें कि यूपी काडर के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर अक्सर विवादों में रहे हैं. इससे पहले IPS अमिताभ ने 10 जुलाई 2015 को मुलायम सिंह द्वारा उन्हें फोन पर धमकी देने के संबंध में थाना हजरतगंज में केस दर्ज कराया था. पुलिस ने इस मामले पर विवेचना करते हुए अंतिम रिपोर्ट लगा दी था.

इसके बाद सपा सरकार के जाते ही मुलायम सिंह यादव के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई. अमिताभ को धमकी देने के एक मामले में पुलिस ने मुलायम की आवाज का नमूना लिया. यह बात इस मामले के विवेचक सीओ कृष्णानगर दिनेश कुमार सिंह ने सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव के सामने प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में कही थी.

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