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इंस्टाग्राम के बैड बॉयज के लॉकर रूम का ताला खुला, ऐसे हुआ अश्लील हरकतों का भंडाफोड़

साइबर सेल की शुरुआती जांच में पता चला है कि इंस्टाग्राम चैट ग्रुप में स्कूल के छात्रों के साथ कॉलेज के छात्र भी थे. ये छात्र अलग-अलग स्कूल और कॉलेज के बताये जा रहे हैं. कॉलेज स्टूडेंट्स फर्स्ट और सेकंड ईयर के छात्र हैं. सूत्रों का कहना है कि छात्रों की पहचान कर ली गई है, साथ ही इस बात भी आशंका है कि लॉकर रूम जैसे दूसरे ग्रुप भी चलाये जा रहे थे, जिन्हें फिलहाल डी-एक्टीवेट कर दिया गया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

  • लॉकर रूम चैट ग्रुप का एक सदस्य गिरफ्तार
  • ग्रुप के सदस्य साइबर सेल के रडार पर
  • ग्रुप में शामिल ज्यादातर स्कूल के छात्र

इंस्टाग्राम पर चलाये गये बॉयज लॉकर रूम (Bois Locker Room) ग्रुप का भंडाफोड़ हो गया है. इस ग्रुप में शामिल स्टूडेंट्स अश्लील तस्वीरें, वीडियो और चैटिंग शेयर कर रहे थे. लेकिन जल्दी ही उनकी हरकतों का पर्दाफाश हो गया. मामले ने तूल पकड़ा तो दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की.

फिलहाल इस चैट ग्रुप के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया गया है. ये आरोपी नाबालिग है. इसके अलावा एक दूसरे नाबालिग को हिरासत में भी लिया गया है, जबकि कुछ छात्रों से पूछताछ भी की गई है.

अब धीरे-धीरे इस पूरे मामले की परत खुल रही हैं. आजतक की बातचीत एक ऐसे लड़के से हुई है जिसकी दोस्त को बॉयज लॉकर रूम ग्रुप के एक सदस्य ने अपनी गंदी हरकतों की चैट के स्क्रीनशॉट भेजे थे. इस लड़के ने बताया है कि लॉकर रूम ग्रुप में शामिल एक लड़का मेरी दोस्त को जानता था. उसने मेरी दोस्त को लॉकर रूम ग्रुप की चैट के स्क्रीनशॉट भेजे. ये स्क्रीनशॉट देखकर मेरी दोस्त ने इस सबके बारे में मुझे बताया. फिर मैंने बाकी लड़कियों को इस लॉकर रूम चैट ग्रुप की जानकारी दी. ये सभी स्कूल की लड़कियां थीं, जो पीड़ित थीं. लड़कियों को जब इस बारे में पता चला कि इंस्टाग्राम पर बॉयज लॉकर रूम ग्रुप में अश्लील तस्वीरें, वीडियो और चैट शेयर की जा रही हैं तो उन्होंने इसका विरोध किया.

इस तरह स्कूली छात्रों की करतूतों का लॉक टूटने लगा और चैट के स्क्रीनशॉट सामने आ गये. दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने जांच शुरू की और अब तक की जांच में जो बात सामने आई है उसके हिसाब से लॉकर रूम ग्रुप में शामिल ज्यादातर सदस्य स्कूल के स्टूडेंट्स हैं. हालांकि, इनमें कॉलेज स्टूडेंट्स के होने की बात भी सामने आई है, जो जांच टीम के रडार पर हैं. यानी कम उम्र के छात्र मिलकर ही इस पूरे बैड गेम को खेल रहे थे.

साइबर सेल की शुरुआती जांच में पता चला है कि इंस्टाग्राम चैट ग्रुप में स्कूल के छात्रों के साथ कॉलेज के छात्र भी थे. ये छात्र अलग-अलग स्कूल और कॉलेज के बताये जा रहे हैं. कॉलेज स्टूडेंट्स फर्स्ट और सेकंड ईयर के छात्र हैं. सूत्रों का कहना है कि इन छात्रों की पहचान कर ली गई है, साथ ही इस बात भी आशंका है कि लॉकर रूम जैसे दूसरे ग्रुप भी चलाये जा रहे थे, जिन्हें फिलहाल डी-एक्टीवेट कर दिया गया है.

संदिग्धों के मोबाइल जब्त

ग्रुप में शामिल संदिग्ध छात्रों से पुलिस ने संपर्क किया है और उनके मोबाइल या दूसरे डिवाइस जब्त कर लिये गये हैं. क्योंकि इस केस में ज्यादातर नाबालिग बच्चे बताये जा रहे हैं, ऐसे में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत ही उनके साथ बर्ताव किया जा रहा है. जांच के दौरान किसी भी लड़के को डायरेक्ट कॉल कर नहीं बुलाया जा रहा है, बल्कि परिवार या स्कूल के जरिये बातचीत कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.

NCR के छात्र भी ग्रुप में शामिल

साइबर सेल की जांच में ये भी पता चला है कि ग्रुप में अलग-अलग स्कूल के छात्र सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि एनसीआर के भी थे. अब तक दिल्ली और नोएडा के स्कूल के लड़कों की पहचान हुई है. ग्रुप में शामिल सभी सदस्य एक दूसरे को नहीं जानते थे. एक दूसरे से कनेक्ट होते-होते ये ग्रुप बनता गया. साइबर सेल के अधिकारियों के मुताबिक 4 लड़के ऐसे हैं जो स्कूल के स्टूडेंट हैं लेकिन उम्र 18 साल है यानी वो नाबालिग नहीं हैं. इनमें एक नोएडा का छात्र भी है. इनसे पूछताछ भी की गई है.

बता दें कि ये मामला सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने 4 मई को आईटी एक्ट और आईपीसी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. साइबर सेल की टीम ने मामले की जांच आगे बढ़ाते ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके अलावा साइबर सेल ने इंस्ट्राग्राम को भी लिखा है कि ग्रुप के मेंबर्स की डिटेल्स शेयर की जायें. हालांकि, इंस्टाग्राम से जांच टीम को अभी डिटेल्स नहीं दी गई हैं, लेकिन इंस्टा की तरफ से इस घटना पर बयान जरूर जारी किया गया है.

इंस्टाग्राम ने अपने बयान में कहा है कि हम पूरी तरह से ऐसे व्यवहार की अनुमति नहीं देते हैं जो यौन हिंसा को बढ़ावा देता है या किसी का भी शोषण करता है. इंस्टा ने ये भी कहा कि विशेषकर महिलाओं और युवा लोगों, और हमारे सामुदायिक मानकों का उल्लंघन करने वाली सामग्री पर हम कार्रवाई करते हैं.

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