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अलीगढ़ केस: जाहिद की पत्नी के दुपट्टे में लिपटा था बच्ची का शव, पुलिस ने किया गिरफ्तार

इस केस में एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है. बच्ची के परिवार से बदला लेने के लिए जाहिद और असलम ने मासूम की हत्या की थी. जबकि मेहंदी और उसकी पत्नी ने हत्या करने वाले आरोपियों की मदद की थी.

पुलिस की गिरफ्त में आया मेहंदी पुलिस की गिरफ्त में आया मेहंदी

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ढाई साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम मेहंदी है. वह दूसरे आरोपी मोहम्मद जाहिद का भाई है. सूत्रों के मुताबिक जब बच्ची की लाश मिली थी तो मेहंदी मौके से फरार हो गया था.भागते वक्त मेहंदी ने कहा था जिसको जो करना है कर लो.

अब इस केस में एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है. बच्ची के परिवार से बदला लेने के लिए जाहिद और असलम ने मासूम की हत्या की थी. जबकि मेहंदी और उसकी पत्नी ने हत्या करने वाले आरोपियों की मदद की थी. बताया जा रहा है कि जाहिद की पत्नी के दुपट्टे में ही बच्ची का शव रखा गया था.

असलम और जाहिद को लेकर हुआ खुलासा

 इससे पहले मोहम्मद जाहिद और मोहम्मद असलम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ. मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाला मोहम्मद जाहिद एक अच्छा खासा जुआरी है. उसके दोस्त उसे सट्टा किंग के नाम से भी बुलाते हैं. वहीं मामले में एक और आरोपी मोहम्मद असलम बच्ची की बेरहमी से हत्या करने से पहले और भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है. 

उसे पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है. उसे अपनी रिश्तेदार की बच्ची के साथ यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. असलम को 2014 में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था. दूसरा मामला दिल्ली के गोकुलपुरी का है. उसपर 2017 में छेड़छाड़ और अपहरण का मामला दर्ज हुआ था. इतना ही नहीं उसने करीब एक साल पहले अपनी पत्नी की पिटाई की थी. हालांकि लोगों ने बीच बचाव किया था.

बता दें कि इस मामले में 4 आरोपी हैं. इनमें से 2 अब भी फरार हैं, जबकि मोहम्मद जाहिद और मोहम्मद असलम पुलिस की गिरफ्त में हैं.  इस केस में 5 पुलिसवालों को सस्पेंड भी किया गया है. जिन पुलिसवालों का निलंबन किया गया है उनमें कुशलपाल सिंह (इंस्पेक्टर), सत्यवीर सिंह ( एसआई) अरविंद कुमार (एसआई), शमीम अहमद (एसआई), राहुल यादव (कांस्टेबल) हैं.

बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छह सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है. वहीं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है.

बता दें कि 30 मई की शाम को खेलते-खेलते मासूम गायब हो गई थी. अगले दिन यानि 31 मई को घरवालों ने उसके लापता होने की शिकायत पुलिस से की. 2 जून को बच्ची की लाश उसी के घर के आसपास सड़ी गली हालत में कूड़े के ढेर में मिली. घरवालों का आरोप है कि पूरे दो दिनों तक पुलिस सुस्ती बरतती रही.

मासूम की लाश मिलने के बाद जब लोगों का गुस्सा फूटा तो पुलिस ने मुख्य आरोपी जाहिद को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का दावा है कि इसने 5 हजार रुपयों के लिए सबक सिखाने की धमकी दी थी और इसी ने बच्ची को मार डाला. बाद में पुलिस ने जाहिद के साथी को भी गिरफ्तार कर लिया. अब पुलिस इन आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट लगाकर कार्रवाई में जुटी है.

मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने एसपी क्राइम की अगुवाई में छह सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया, जिसमें एसपी देहात मणिलाल पाटीदार टीम के प्रभारी रहेंगे. जांच के लिए फॉरेंसिक लैब की भी मदद ली जा रही है.

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