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केरल गोल्ड स्मगलिंग केसः NIA का दावा- मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले कनेक्शन

यूएई वाणिज्य दूतावास की पूर्व कर्मचारी स्वप्ना सुरेश और दो अन्य लोगों के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में 30 किलो गोल्ड स्मगलिंग मामले में केस दर्ज किया गया है.

गोल्ड स्मगलिंग के आरोप में गिरफ्तार संदीप नायर (फोटो-PTI) गोल्ड स्मगलिंग के आरोप में गिरफ्तार संदीप नायर (फोटो-PTI)

  • आरोपी स्वप्ना का मुख्यमंत्री कार्यालय से था जुड़ाव- NIA
  • एनआईए ने स्वप्ना की जमानत याचिका का किया है विरोध

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने केरल गोल्ड स्मगलिंग मामले में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश की जमानत याचिका का विरोध किया है. एनआईए ने दावा किया है कि स्वप्ना सुरेश का मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कार्यालय के साथ जुड़ाव था.

जांच एजेंसी ने दावा किया है कि पूछताछ के दौरान स्वप्ना सुरेश ने स्वीकार किया कि केरल के मुख्यमंत्री के पूर्व प्रमुख सचिव एम. शिवशंकर के माध्यम से, उसका सीएमओ के साथ "जुड़ाव" था.

एनआईए के मुताबिक शिवशंकर ने कई मसलों पर स्वप्ना को सलाह दी थी. हालांकि शिवशंकर ने सोने से भरे बैग को राजनयिक तरीके से निकालने में स्वप्ना की मदद करने से इनकार कर दिया था. एनआईए के विजय कुमार ने यह बात कोर्ट में कही है.

जांच एजेंसी के मुताबिक स्वप्ना ने बताया कि वह वाणिज्य दूतावास के साथ काम करने के दौरान से सीएम को जानती थी. वह इफ्तार की बैठकों और पार्टियों के दौरान महावाणिज्य दूतावास से जानकारी हासिल करती थी. इससे पहले, यह सामने आया था कि स्वप्ना ने जून में कई बार केटी जलील को फोन किया था.

वहीं स्वप्ना के वकील जियो पॉल की दलील थी कि स्वीकारोक्ति बयान के अलावा 28 दिनों के बाद भी आर्थिक आतंकवाद का कोई सबूत नहीं मिला है.

एनआईए का यह भी दावा है कि जांच के दौरान उन्होंने पाया कि स्वप्ना सुरेश इस्तीफा देने के बाद भी यूएई वाणिज्य दूतावास के साथ काम कर रही थी और पारिश्रमिक के रूप में उसे 1,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया गया. स्मगलिंग का हिस्सा रहे हरेक लोग को स्वप्ना ने 50 हजार रुपये दिए थे.

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बता दें कि यूएई वाणिज्य दूतावास की पूर्व कर्मचारी स्वप्ना सुरेश और दो अन्य लोगों के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में 30 किलो गोल्ड स्मगलिंग मामले में केस दर्ज किया गया है. यह घटना 5 जुलाई तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट की है.

प्रवर्तन निदेशालय की कस्टडी में स्वप्ना सुरेश ने NIA की पूछताछ में बताया कि विभिन्न बैंकिंग और गैर बैंकिंग चैनल के जरिये निवेश करके इस अपराध को अंजाम दिया गया. हवाला नेटवर्क की अधिकारी पहले से ही जांच कर रहे हैं. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि वित्तीय जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि क्या स्मगलिंग के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग की गई.

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जांच पड़ताल के दौरान, अन्य आरोपियों के साथ स्वप्ना सुरेश की हुई बातचीत के बारे में पता चला है. इसमें राजनयिक बैगेज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. डिप्लोमेटिक बैगेज के जरिये सोने की तस्करी कर भारत लाया गया था और बाद में 5 जुलाई को हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग ने उसे जब्त कर लिया. स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को एनआईए ने 11 जुलाई को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था.

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