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इलाहाबाद से अपहृत मासूम को चित्रकूट में ग्रामीणों ने मुक्त कराया

स्थानीय ग्रामीणों को जैसे ही पता लगा कि वहां एक बच्चे को अपहरण कर बंधक बनाकर रखा गया है, तो उन्होंने जंगल की घेरेबंदी कर दो बदमाशों को पकड़ कर मासूम को मुक्त करा लिया.

ग्रामीणों ने बच्चे को अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा पुलिस को सौंप दिया ग्रामीणों ने बच्चे को अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा पुलिस को सौंप दिया

उत्तर प्रदेश से मानवीयता और एकजुटता की मिसाल पेश करती घटना सामने आई है, जब ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए अपहरण करने वाले बदमाशों के चंगुल से एक मासूम बच्चे को छुड़ा लिया. बच्चे को इलाहाबाद से अगवा कर बदमाश चित्रकूट के जंगलों में छिपे हुए थे, लेकिन स्थानीय निवासियों को जैसे ही इसकी भनक लगी, उन्होंने एकजुट होकर अपहर्ताओं पर ही हमला बोल दिया और अगवा बच्चे को छुड़कार उसके माता-पिता तक पहुंचाया.

अपहर्ताओं ने उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद के जसरा कस्बे से चंद्रकुमार कुशवाहा के 5 साल के मासूम बेटे को फिरौती के चक्कर में अगवा कर लिया था. अगवा कर अपहर्ता बच्चे को लेकर चित्रकूट के बरगढ़ थाना के सेमरा गांव की सिगटी पहाड़ी में जंगलों के बीच छिप गए थे . लेकिन स्थानीय ग्रामीणों को जैसे ही पता लगा कि वहां एक बच्चे को अपहरण कर बंधक बनाकर रखा गया है, तो उन्होंने जंगल की घेरेबंदी कर दो बदमाशों को पकड़ कर मासूम को मुक्त करा लिया.

चित्रकूट के SP प्रताप गोपेन्द्र सिंह ने बताया, "मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने जसरा के चन्द्रकुमार कुशवाहा के पांच साल के बेटे नैतिक का अपहरण कर लिया था. अपहर्ताओं ने मासूम को मुक्त करने के एवज में 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. बदमाशों ने बच्चे को सेमरा गांव की सिगटी पहाड़ी के जंगल में बांध कर रखा था. ग्रामीणों ने इसका पता लगते ही घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ लिया और बच्चे को मुक्त कराने के बाद बाद बरगढ़ पुलिस को इसकी सूचना दी."

उन्होंने बताया कि पकड़े गए बदमाशों की पहचान पुष्पराज कुशवाहा और पंचमराम उर्फ पंचू कोल के रूप में हुई है. गोपेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चे को इलाहाबाद पुलिस की मौजूदगी में उसके परिजनों को सौंप दिया गया है.

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