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इंजीनियर ने 2000 रुपये के 3 करोड़ नकली नोट बाजार में चलाए

नोटबंदी के बाद आए 2000 रुपए के नए नोट से लोग अभी तक अच्छी तरह रू-ब-रू भी नहीं हुए हैं कि खुराफातियों ने 2000 के नकली नोट छापकर धोखाधड़ी का गोरखधंधा भी शुरू कर दिया है. इस काम को और कोई नहीं ऊंची शिक्षा हासिल युवा ही अंजाम दे रहे हैं. पंजाब के मोहाली में 42 लाख रुपए मूल्य के 2000 रुपए के नकली नोटों के साथ एक युवती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. जिस समय इन्हें गिरफ्तार किया गया, ये तीनों नकली नोटों के साथ लाल बत्ती लगी ऑडी कार पर सवार थे.

पंजाब के मोहाली की घटना पंजाब के मोहाली की घटना

नोटबंदी के बाद आए 2000 रुपए के नए नोट से लोग अभी तक अच्छी तरह रू-ब-रू भी नहीं हुए हैं कि खुराफातियों ने 2000 के नकली नोट छापकर धोखाधड़ी का गोरखधंधा भी शुरू कर दिया है. इस काम को और कोई नहीं ऊंची शिक्षा हासिल युवा ही अंजाम दे रहे हैं. पंजाब के मोहाली में 42 लाख रुपए मूल्य के 2000 रुपए के नकली नोटों के साथ एक युवती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. जिस समय इन्हें गिरफ्तार किया गया, ये तीनों नकली नोटों के साथ लाल बत्ती लगी ऑडी कार पर सवार थे.

मोहाली के पुलिस अधीक्षक परमिंदर सिंह भंडाला के मुताबिक नकली नोटों के इस रैकेट के पीछे मास्टरमाइंड 21 वर्षीय अभिनव वर्मा है जो बीटेक है. अभिनव के साथ उसकी चचेरी बहन 20 वर्षीय विशाखा और एक अधेड़ शख्स सुमन नागपाल को भी गिरफ्तार किया गया है. अभिनव जीरकपुर का रहने वाला है. वहीं कपूरथला की रहने वाली विशाखा सिक्किम से एमबीए कर रही है. पुलिस के मुताबिक विशाखा के पिता रेलकोच फैक्टरी में बड़े अधिकारी हैं. तीसरा शख्स सुमन नागपाल लुधियाना का है. खुद को प्रॉपर्टी डीलर बता रहा है.   

हैरानी की बात ये है कि तकनीकी रूप से दक्ष अभिनव वर्मा ने नकली नोटों के जरिए लोगों को बेवकूफ बनाकर जल्दी मोटी कमाई का रास्ता चुना. बताया गया है कि अभिनव ने एक ऐसा सेंसर तैयार किया था जिसे अंगूठी या स्टिक में लगाने पर नेत्रहीन लोगों को सामने आने वाली वस्तुओं का पता चल जाता था जिससे कि वो टकराने से बच सकें. अभिनव ने इस तकनीक को मेक इन इंडिया कंसेप्ट के तहत स्टार्ट अप के लिए भेजा था. दावा किया गया था कि अभिनव का प्रोजेक्ट शार्टलिस्ट भी हुआ था.

खपा दिए 3 करोड़ के नकली नोट
पुलिस का कहना है कि अभिनव और विशाखा ने पहले मजाक में ही 2000 रुपए के असली नोट को कंप्यूटर पर स्कैन कर उसकी नकल तैयार की. जब ये नोट बाजार में चल गया तो उनका हौसला बढ़ गया. ये लोगों को पुराने 500-1000 रुपए के नोटों के बदले 30 फीसदी कमीशन वसूल कर 2000 के नए नोट देने का झांसा देते थे. फिर ये डील होने पर 2000 रुपए के नकली नोट थमा देते हैं. इस काम में सुमन नागपाल भी इनका साथ दे रहा था. अलग अलग इलाकों में इस गैंग की ओर से तीन करोड़ रुपए के नकली नोट खपाने का अनुमान लगाया जा रहा है.

ऑडी कार से नोटों की सप्लाई
फिलहाल पंजाब पुलिस गिरफ्तार किए गए लोगों को साथ ले जाकर ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके छापे गए नोट कहां-कहां इस्तेमाल किए गए. मोहाली पुलिस ने जगतपुरा इलाके में बुधवार को पहले से मिले सुराग के आधार पर ऑडी कार को रोककर 42 लाख रुपए मूल्य के 2000-2000 रुपए के नकली नोट जब्त किए. जगतपुरा में इंस्पेक्टर हरसिमरन सिंह की अगुआई  में पुलिस टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी तभी HR70U0004 नंबर प्लेट की ऑडी कार को रोका गया.

रैकेट की जांच में पंजाब पुलिस

पुलिस ने धारा 420, 489A, 489B, 489C, 489D, 489E और 120 बी के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस को अभिनव, विशाखा और सुमन नागपाल का अभी एक दिन का रिमांड मिला है. पुलिस रिमांड के दौरान ये पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस गोरखधंधे में इन तीनों के अलावा कहीं और लोग भी तो शामिल नहीं है? अगर हैं तो वो कौन-कौन हैं? अभिनव वर्मा बेशक ऑडी कार अपने पैसे से खरीदने की बात कर रहा है लेकिन पुलिस इस बारे में भी सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

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