उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से सामूहिक हत्याकांड की एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहां ज्वैलर ने पहले अपनी पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे को जहरीला पदार्थ खिलाकर मौत की नींद सुला दिया और फिर खुद भी ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने उसे बचा लिया.
इस वारदात का खुलासा सोमवार की शाम उस वक्त हुआ, जब ज्वैलर मुकेश कुमार वर्मा ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर अपनी पत्नी और बच्चों की लाशों की तस्वीरें अपलोड कीं. उसका स्टेटस देखने के बाद परिवार के सदस्यों ने कमरों की जांच की तो वहां हकीकत में उनकी लाशें मौजूद थीं.
इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने इस वारदात के बारे में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि मुकेश कुमार की पत्नी रेखा, बेटियों भव्या (22), काव्या (17) और बेटे अभिष्ट (12) की लाशें चार मंजिला इमारत के अलग-अलग कमरों से बरामद की गईं. उस इमारत में मुकेश कुमार वर्मा अपने भाइयों के साथ रहता था.
एसएसपी संजय कुमार ने बताया कि मुकेश कुमार वर्मा ने पारिवारिक विवाद के चलते पहले अपने परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी और फिर यहां रेलवे स्टेशन पर मरुधर एक्सप्रेस के सामने कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की. मुकेश को रेलवे लाइन पर कूदता देख लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद प्लेटफॉर्म पर मौजूद आरपीएफ के जवानों ने उसे बचा लिया.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने आगे बताया कि आत्महत्या करने की कोशिश के दौरान मुकेश कुमार वर्मा को मामूली चोटें आई हैं. मुकेश के घर से बरामद उसकी पत्नी और बच्चों की लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.