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यूपी: बरेली में 'लव जिहाद' का दूसरा केस दर्ज, नाम और धर्म छिपाकर शादी करने का आरोप

उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परवर्तन के खिलाफ अध्यादेश पारित होने के बाद बरेली में लव जिहाद के आरोप का दूसरा मामला सामने आया है. बरेली पुलिस ने इस मामले में इज्जतनगर थाने में केस दर्ज किया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बरेली में लव जिहाद का दूसरा मामला
  • इज्जतनगर थाने में केस दर्ज
  • पहला मामला भी बरेली में हुआ था दर्ज

उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परवर्तन के खिलाफ अध्यादेश पारित होने के बाद बरेली में लव जिहाद के आरोप का दूसरा मामला सामने आया है. बरेली पुलिस ने इस मामले में इज्जतनगर थाने में केस दर्ज किया है. इससे पहले नया कानून आने के बाद बरेली में ही 29 नवंबर को लव जिहाद' के आरोप में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी. आज इस मामले में दूसरा केस दर्ज किया गया है. 

इस मामले में नाम और धर्म छिपाकर शादी की गई थी. पुलिस के मुताबिक लड़की की शिकायत पर ये मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में मूल मुकदमा नया कानून बनने से पहले दर्ज किया गया था. लेकिन लव जिहाद के खिलाफ नया कानून बनने के बाद इसमें नए कानून की धाराएं जोड़ी गईं है. 

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बता दें कि शनिवार को यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी. रविवार को इस मामले में पहला मामला बरेली में दर्ज हुआ, जबकि सोमवार को बरेली में ही दूसरा मामला दर्ज हुआ है.  

बता दें कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 24 नवंबर को लव जिहाद के खिलाफ अध्यादेश को मंजूरी दी थी. इसके बाद इसे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास भेजा गया था. इस अध्यादेश में मिथ्या, झूठ, जबरन, प्रभाव दिखाकर, धमकाकर, लालच देकर, विवाह के नाम पर या धोखे से किया या कराया गया धर्म परिवर्तन अपराध की श्रेणी में आएगा. इसके लिए इस अध्यादेश में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है. 

कानून में प्रावधान है कि यदि कोई केवल शादी के लिए लड़की का धर्म परिवर्तन करता है या कराता है तो ऐसी शादी अवैध मानी जाएगी. 

 

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