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छह दिन के लिए सीबीआई हिरासत में भेजा गया यादव सिंह

यादव सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश, धेखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और कानून के उल्लंघन का आरोप है. सीबीआई यादव सिंह पर धारा 409, 420, 466, 467, 469, 481 और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज करके इस मामले की जांच कर रही है.

नोएडा अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिं नोएडा अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिं

करोड़ों के घोटाले में फंसे नोएडा अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह को छह दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया है. बुधवार को गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उन्हें विशेष न्यायाधीश जी. श्रीदेवी की अदालत में गुरुवार को पेश किया.

यादव सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश, धेखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और कानून के उल्लंघन का आरोप है. सीबीआई यादव सिंह पर धारा 409, 420, 466, 467, 469, 481 और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज करके इस मामले की जांच कर रही है.

डायरी में दर्ज करता था हिसाब
इस केस में यह दूसरी गिरफ्तारी है. इससे पहले गिरफ्तार हुआ असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजीनियर रमेंद्र, यादव सिंह के साथ भ्रष्टाचार में संलिप्त था. वह सीधे उनको रिपोर्ट करता था. वह एक डायरी में ठेकेदारों और बिल्डरों से मिलने वाली रिश्वत और बंटवारे का ब्यौरा दर्ज करता था.

8 दिन में कमाए 100 करोड़ रुपये
बताते चलें कि यादव सिंह ने महज 8 दिनों में 100 करोड़ रुपये कमा लिए थे. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर रहते हुए यादव सिंह की सभी तरह के टेंडर और पैसों के आवंटन बड़ी भूमिका होती थी. 2011 के दिसंबर में उसने 8 दिनों में कई टेंडर पास किए थे.

टेंडर से पहले ही शुरु हो गया काम
आरोप है कि जिन कंपनियों को टेंडर दिए गए थे उनमें से कई ने साइट पर काम बहुत पहले ही शुरू कर दिए थे. 21.90 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट जेएसपीएल कंस्ट्रक्शन, तिरुपति कंस्ट्रक्सन को 25.50 करोड़ रुपये और एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर्स को 34.87 करोड़ रुपए का टेंडर दिया गया था.

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