कोरोना संकट के बीच पश्चिम बंगाल में शवों के अंतिम संस्कार से जुड़ा विचलित करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसको लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं. इस बीच वायरल वीडियो के सामने आने के बाद बंगाल के राज्यपाल ने ममता सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.
शवों के संबंध में राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि कब भर्ती कराया गया, क्या उपचार दिया गया, कौन सा अस्पताल था, मौत का कारण और बेड हेड टिकट से जुड़ी जानकारी दी जाए. उन्होंने कहा कि शवों के साथ ऐसा व्यवहार मानवता को शर्मसार करता है. इस मामले को लेकर कानून और प्रोटोकाल का पालन किया जाए.
राज्यपाल ने शवों के अंतिम संस्कार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संवेदनशीलता के कारण वीडियो साझा नहीं कर रहा हूं. वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में कहा गया कि कोलकाता नगर निगम की ओर से 13 बुरी तरह सड़े हुए शवों को जलाने के लिए न्यू गोरिया श्मशान घाट लाया गया था. इससे तेज दुर्गंध उठ रही थी, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया था.
Make transparent disclosure @MamataOfficial as regards dead bodies- when admitted; what treatment given, which hospital, cause of death and importantly Bed Head Ticket.
How can human dead bodies be so uncouthly dragged ! It shames humanity.
Follow law and protocol for disposal
— Governor West Bengal Jagdeep Dhankhar (@jdhankhar1) June 11, 2020
शाह की वर्चुअल रैली में रुकावट के लिए कम की गई इंटरनेट की स्पीड
बता दें कि ममता सरकार और राज्यपाल के बीच की बयानबाजी अक्सर सुर्खियों में रहती है. हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल जनसंवाद रैली को संबोधित किया था. इस दौरान नेताओं ने आरोप लगाया था कि टीएमसी सरकार ने इंटरनेट की स्पीड को कम कर दिया है, ताकि वर्चुअल रैली की लाइव फीड ना देखी जा सके. इस बाबत बीजेपी सांसद सौमित्रा खान ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को चिट्ठी भी लिखी थी.