तेलंगाना में कोरोना वायरस के खिलाफ तैयारियों को लेकर टकराव की स्थिति नजर आ रही है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के ताजा बयान ने विवाद को और हवा दे दी है, जिस पर सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति भी बिफर गई है. टीआरएस ने कहा है कि अगर तेलंगाना में सही ढंग से काम नहीं हो रहा है तो फिर बताएं कि पीएमओ के आदेश पर यहां का ऑर्डर कोलकाता क्यों भिजवा दिया गया.
ये पूरा विवाद तेलंगाना में कोरोना के खिलाफ राज्य की तैयारियों के लेकर शुरू हुआ है. राज्य में कोरोना संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है. ऐसे में बीते शनिवार जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तेलंगाना वर्चुअल रैली को संबोधित किया तो उन्होंने तेलंगाना में कोरोना की कम टेस्टिंग का आरोप लगाया था. नड्डा के इस आरोप के बाद रविवार को तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री ने गंभीर आरोप लगाए और हालात के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा दिया.
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स्वास्थ्य मंत्री ई. राजेंद्र ने कहा, 'ICMR कितनी बार गाइडलाइंस बदलेगा, आपको इसके बारे में सोचना चाहिए. हमने 1000 वेटिंलेटर्स की मांग की थी, लेकिन आपने हमें सिर्फ 50 दिए. हमारी मशीन प्रधानमंत्री के आदेश पर ICMR ने कोलकाता भेज दीं. ऑर्डर हमने किया था और आपने वहां डायवर्ट कर दी.'
सीधे तौर पर प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री ने ये भी कहा था कि केंद्र ने हमें न पर्याप्त सुविधाएं दी हैं और न आर्थिक मदद, लेकिन फिर भी राज्य सरकार ने सबकुछ मैनेज किया है.
स्वास्थ्य मंत्री के अलावा टीआरएस ने भी नड्डा को जवाब दिया है. पार्टी ने कहा है कि तेलंगाना समेत पूरे देश में कोरोना फैल रहा है लेकिन बीजेपी अध्यक्ष ओछी राजनीति कर रहे हैं और झूठ गढ़ रहे हैं. पार्टी ने कहा कि अगर जेपी नड्डा के मुताबिक, तेलंगाना में कोरोना संकट है तो फिर Cobas 8800 के ऑर्डर में पीएमओ ने क्यों दखल दिया और आईसीएमआर से उन्हें कोलकाता भिजवा दिया. इसका जिम्मेदार कौन है? टीआरएस ने बीजेपी को झूठ का प्रसार बंद करना चाहिए और तेलंगाना सरकार से माफी मांगनी चाहिए.
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तेलंगाना में कुल मरीजों की संख्या 7802 पहुंच गई है, इनमें से 3861 एक्टिव केस हैं जबकि 3731 मरीज ठीक हो चुके हैं. राज्य में कोरोना से मौत का आंकड़ा 210 हो गया है.