देश में लागू लॉकडाउन का आज से चौथा चरण शुरू हो गया है और इसी के साथ अलग-अलग इलाकों में कुछ छूट मिलनी भी शुरू हो गई है. लेकिन, बीते कई दिनों से जो एक तस्वीर नहीं बदली है वो है हजारों मज़दूरों का सड़क पर चलना. सोमवार को भी दिल्ली-गाज़ीपुर बॉर्डर पर बड़ी संख्या में बस की इंतज़ार में मज़दूर यहां खड़े रहे.
सोमवार सुबह बड़ी संख्या में मज़दूर बॉर्डर पर पहुंचे और अपने घर जाने की आस लगाए हुए थे. उन्हें उम्मीद थी कि यहां पर कोई बस आएगी, जो गांव तक ले जाएगी.
यहां भीड़ में मौजूद एक मज़दूर ने कहा, ‘..मुझे हरदोई जाना है, हम यहां सुबह 6 बजे से बैठे हैं. अगर यहां पर बसें नहीं हैं, तो हमें बता दें हम खुद ही पैदल घर चले जाएंगे’.
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Delhi: Large number of migrant labourers reach Delhi-Ghazipur (UP) border. Buses are being arranged to take them to their native places. A labourer (pic 4) says, "I've to go to Hardoi (UP). We've been sitting here since 6 AM. If there are not enough buses, then let us walk home." pic.twitter.com/W0MZKGKW64
— ANI (@ANI) May 18, 2020
आपको बता दें कि सोमवार से शुरू हुए लॉकडाउन 4.0 के मुताबिक, एक राज्य से दूसरे राज्यों में वाहन, बसें चलाने की मंजूरी हो गई है. हालांकि, इसके लिए दोनों राज्यों में सहमति होना जरूरी है.
वहीं अगर उत्तर प्रदेश की बात करें तो राज्य सरकार की ओर से किसी भी तरह पैदल आ रहे मजदूरों के प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है. प्रदेश सरकार का कहना है कि जो मज़दूर राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही ट्रेन या बस से आएंगे, उन्हें ही प्रवेश दिया जाएगा.
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इसके अलावा जो मज़दूर ट्रकों में आ रहे हैं, उन्हें भी यूपी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. बीते दिनों ओरैया में हुए सड़क हादसे के बाद उत्तर प्रदेश की सरकार ने ये फैसला लिया था. हालांकि, इसके बाद प्रदेश के बॉर्डर इलाकों में बसों को तैनात किया गया था ताकि मज़दूरों को उनके स्थान पर पहुंचाया जा सके. हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में मज़दूर पैदल आने को मजबूर हैं.