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लॉकडाउन में घर वापसी की जंग, गाजियाबाद में ट्रेन से जाने के लिए जुटे हजारों मजदूर

प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई जा रही श्रमिक ट्रेनों के लिए इकट्ठा हुई भीड़ की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं. गाजियाबाद के रामलीला मैदान में हजारों मजदूर एकत्रित हुए.

ट्रेन रजिस्ट्रेशन के लिए जुटे हजारों मजदूर ट्रेन रजिस्ट्रेशन के लिए जुटे हजारों मजदूर

  • गाजियाबाद में जुटे हजारों मजदूर
  • वेरिफिकेशन के लिए काफी भीड़
  • सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सोमवार को सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती हुई नज़र आईं. यहां श्रमिक ट्रेन के लिए वेरिफिकेशन करवाने के लिए हजारों की संख्या में मजदूर एक साथ रामलीला मैदान में इकट्ठा हुए. यहां से आज कुछ श्रमिक ट्रेनें उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों और बिहार के लिए रवाना होनी थीं.

ट्रेनों में जाने से पहले प्रशासन की ओर से मजदूरों को थर्मल स्क्रीनिंग और पेपर वेरिफिकेशन के लिए रोका गया था. लेकिन मौके पर हजारों की संख्या में मजदूर इकट्ठा हुए. ऐसे में स्थानीय प्रशासन की सभी व्यवस्था धरी की धरी रह गई और एडीएम-मजिस्ट्रेट के सामने सभी नियम बेकार साबित हुए.

हालांकि, मजदूरों के वेरिफिकेशन के बाद यहां से ट्रेनों को रवाना कर दिया गया. ताजा अपडेट के मुताबिक, गाजियाबाद से कुल 6 ट्रेनें भेजी गई हैं जो बिहार, गोरखपुर, वाराणसी, बनारस, आजमगढ़ गई हैं. यहां बड़ी संख्या में लोग दिल्ली से भी आ गए थे.

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दरअसल, गाजियाबाद के घंटाघर के पास मौजूद रामलीला मैदान लोगों की बेतहाशा भीड़ इकट्ठा हो गई है. सभी लोगों को ट्रेन या बस के जरिए घर भेजे जाने का भरोसा प्रशासन द्वारा दिया गया था. सड़क पर जितने लोग पैदल चल रहे थे सभी को वहां ले जाकर रखा गया है और अब इस कदर भीड़ हो गई है कि लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़े हुए हैं.

गाजियाबाद एडीएम के मुताबिक, बिहार के लिए गाजियाबाद से तीन ट्रेनें चलाई गई हैं जोकि 12 सौ प्रति मजदूर ट्रेन से लेकर बिहार जाएंगी. आज करीब 36 सौ मजदूरों को बिहार भेजा जाएगा. इसके अलावा लखनऊ, गोरखपुर के मजदूरों को भी यहां से भेजा जाएगा.

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उन्होंने कहा कि सुबह तक स्थिति नियंत्रण में थी, लेकिन अब जो हालात हैं उन्हें संभाला जा रहा है. दूसरी ओर मजदूरों का कहना है कि वह लंबे वक्त से धूप में ही खड़े हैं ऐसे में काफी परेशानी है. कुछ मजदूरों ने कहा कि वो कल भी आए थे, लेकिन नंबर नहीं आ पाया था.

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गौरतलब है कि श्रमिक ट्रेनों में बैठने से पहले सभी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है. साथ ही वेरिफिकेशन भी करवाया जा रहा है, क्योंकि जहां से ट्रेन जा रही है और जहां ट्रेन को पहुंचना है, वहां दोनों ओर प्रशासन की ओर से व्यवस्था की जा रही हैं.

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