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दिल्ली में क्यों हमेशा बना रहता है भूकंप का खतरा? जानें खतरे के किस जोन में है राजधानी

राजधानी दिल्ली में शुक्रवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. दिल्ली को हमेशा भूकंप के डेंजर जोन में गिना जाता रहा है.

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दिल्ली में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप के झटके
दिल्ली में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप के झटके

  • राजधानी दिल्ली में कई बार आए हैं भूकंप के झटके
  • जोन-4 में आता है राजधानी का इलाका
राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्र में शुक्रवार रात 9 बजकर 8 मिनट पर भूकंप के झटके आए, जिसकी तीव्रता 4.6 रही. ऐसा बेहद ही कम देखने को मिला है. कई रिपोर्ट्स बताती रही हैं कि भूकंप के लिहाज से दिल्ली काफी संवेदनशील इलाका है.

चार जोन में बांटा गया है भारत

राजधानी दिल्ली में ऐसे भूकंप के झटके आने के पीछे वैज्ञानिकों की ओर से कई कारण बताए गए हैं. मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार, भारत को 4 जोन में बांटा गया है और इसमें जोन-5 से जोन-2 शामिल है.

इन सभी में जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है और जोन-2 सबसे कम संवेदनशील. यानी जोन-5 ऐसा क्षेत्र है जहां भूकंप आने की आशंका सबसे ज्यादा है और जोन-2 ऐसा क्षेत्र है जहां भूकंप आने की आशंका सबसे कम होती है.

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जानें दिल्ली किस जोन में शामिल?

भूकंप को मापने के लिए भारत को जिन जोन 2, जोन 3, जोन 4 और जोन 5 में बांटा गया है. राजधानी दिल्ली और उसके आसपास का इलाका जोन 4 में आता है. ये वो जोन है, जहां 7.9 तीव्रता तक का भूकंप आ सकता है.

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भारत में ये जोन दिल्ली, एनसीआर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर-प्रदेश, बिहार और बंगाल का कुछ इलाके तक आता है.

भूकंप को देखते हुए अक्सर इस बात की सलाह दी जाती है कि आप तुरंत घर से बाहर निकलें. लेकिन कोरोना वायरस के संकट की वजह से देश में अभी लॉकडाउन है, ऐसे में अगर भूकंप आने पर आप बाहर आते हैं तो हर किसी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करना चाहिए.

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