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कोरोना: लॉकडाउन से रैम्बो सर्कस बेहाल, न फंड बचा न राशन

रैम्बो सर्कस के साथ जोकर के तौर पर काम करने वाले बीजू पुशकरन ने इंडिया टुडे से कहा, एक हफ्ते पहले ही हमारा राशन खत्म हो गया. उसके बाद से ही हम एरोली के स्थानीय लोगों और म्युनिसिपल अधिकारियों की मदद लेने को मजबूर हैं.

लॉकडाउन और कोरोना के कारण रैम्बो सर्कस पर मुसीबत (वीडियो से कैप्चर तस्वीर) लॉकडाउन और कोरोना के कारण रैम्बो सर्कस पर मुसीबत (वीडियो से कैप्चर तस्वीर)

  • कोरोना के संकट में देश का पॉपुलर सर्कस
  • इंसान ही नहीं जानवरों पर भी भूख की मार

देश के सबसे बड़े सर्कस में से एक रैम्बो सर्कस को कोरोना वायरस संकट की वजह से बुरे दौर से गुजरना पड़ रहा है. देश में गिने चुने ही सर्कस बचे हैं, उनमें रैम्बो सर्कस अभी तक अपने वजूद को किसी तरह वर्षों से बचाए चला आ रहा है. सर्कस के कर्मचारी और जानवर नवी मुंबई के एरोली में फंसे हुए हैं. देश में कोरोना वायरस की वजह से पाबंदियों के तहत सर्कस भी बंद करा दिए गए हैं.

रैम्बो सर्कस नवी मुंबई के एरोली में 6 मार्च को आया था और कुछ ही दिन इसके शो चले. 13 मार्च को अधिकारियों ने Covid-19 महामारी के खतरे को देखते हुए सर्कस प्रबंधकों से सभी शो कैंसल करने के लिए कहा.

सर्कस का 90 कर्मचारियों का स्टाफ है. इनमें 32 महिलाएं आर्टिस्ट हैं और बाकी 58 पुरुष हैं. सर्कस के पास 21 जानवर भी हैं. सर्कस प्रबंधक समझ नहीं पा रहे हैं कि बिना किसी कमाई के कैसे स्थिति को संभालें. अब ना फंड बचे हैं और ना ही राशन.

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सर्कस के साथ जोकर के तौर पर काम करने वाले बीजू पुशकरन ने इंडिया टुडे से कहा, एक हफ्ते पहले ही हमारा राशन खत्म हो गया. उसके बाद से ही हम एरोली के स्थानीय लोगों और म्युनिसिपल अधिकारियों की मदद लेने को मजबूर हैं. उन्होंने राशन और सब्जियों से हमारी मदद की है. हमें कोई वेतन नहीं मिल रहा, जिसकी वजह से हम अपने घरवालों को भी कोई पैसा नहीं भेज पा रहे जो पूरी तरह हमारे ऊपर निर्भर हैं. जानवरों को भी जो पहले का बचा खुचा राशन था, वही खिलाया जा रहा है. यहां तक कि हमारे सर्कस के मालिक भी लॉकडाउन की वजह से कहीं यात्रा नहीं कर पा रहे.

बीजू ने कहा, मैं सर्कस में चालीस साल से काम कर रहा हूं. पहले अपोलो सर्कस में था. वहां शाहरुख ने भी अपने शो के लिए शूट किया था. बीते 22 साल से मैं रैम्बो सर्कस के साथ हूं. हम किसी तरह शो के जरिए सर्कस को चलाते आ रहे थे. लेकिन लॉकडाउन से हमारी कमाई का साधन पूरी तरह सूख गया है. हम समझते हैं कि Covid-19 की वजह से लॉकडाउन को टाला नहीं जा सकता था, लेकिन मैं सरकार से गुहार लगाना चाहता हूं कि सर्कस जैसे परफॉर्मिंग आर्ट और हमारे जैसे लोगों के लिए कुछ सोचे.

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अगर लॉकडाउन खत्म भी हो जाता है तो सर्कस के स्टाफ को आशंका है कि उनके लिए शो चलाना मुश्किल होगा, क्योंकि लोग भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहेंगे. इसलिए पूरी तरह स्थिति सामान्य होने के लिए लंबा इंतजार करना होगा.

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